व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद ने हत्या के करीब 11 साल पुराने मामले में बुधवार को दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जिला जज चतुर्थ दिव्या वशिष्ठ की अदालत ने हसपुरा थाना कांड संख्या 17/15 और एसटीआर 334/15 में दोषी करार दिए गए हसपुरा थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी मुंडा शाह और मोईन शाह को उम्रकैद की सजा दी। अदालत ने दोनों पर एक-एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर दोनों को तीन-तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में अदालत ने 10 सितंबर 2026 को मुंडा शाह और मोईन शाह को दोषी करार दिया था। बुधवार को सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सजा सुनाई। अश्लील गाना बजाने से रोकने पर हुआ था विवाद अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही के अनुसार, सलेमपुर निवासी मुन्ना शाह ने 5 फरवरी 2015 को हसपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में बताया गया था कि 4 फरवरी 2015 की रात करीब 9 बजे कुछ लोग उनके घर के सामने तेज आवाज में अश्लील गाना बजा रहे थे। मृतक अतीम शाह ने तेज आवाज में गाना बजाने का विरोध किया और उन्हें ऐसा करने से मना किया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप था कि इसके बाद अभियुक्तों ने लाठी और गंडासे से अतीम शाह पर हमला कर दिया। हमले में अतीम शाह के सिर में गंभीर चोट लगी। घटना के बाद आरोपी वहां से चले गए। गंभीर रूप से घायल अतीम शाह को परिजन इलाज के लिए हसपुरा ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। दो धाराओं में हुई सजा, साथ-साथ चलेगी एपीपी विंदेश्वरी प्रसाद तांती ने बताया कि अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं धारा 147/149 के तहत एक वर्ष के कारावास की सजा दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों धाराओं में सुनाई गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना नहीं देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने चार अन्य आरोपियों को किया दोषमुक्त इस मामले में कुल छह अभियुक्तों के खिलाफ सुनवाई हुई थी। अदालत ने मुंडा शाह और मोईन शाह को हत्या के मामले में दोषी ठहराया। वहीं मामले के अन्य अभियुक्त राजा शाह, शमसुर शाह, शहबुब शाह और ननछदा शाह को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। 10 सितंबर को दोनों दोषियों के दोषसिद्ध होने के बाद अदालत ने उनका बंधपत्र विखंडित कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। इसके बाद बुधवार को सजा की अवधि और जुर्माने के बिंदु पर सुनवाई हुई। अभियोजन ने अधिकतम सजा, बचाव पक्ष ने कम सजा मांगी सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत से दोषियों को अधिकतम सजा देने की मांग की। एपीपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी सजा की मांग रखी। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अदालत से नरमी बरतने का अनुरोध किया गया। बचाव पक्ष ने दोनों अभियुक्तों को मजदूर बताते हुए कम सजा और न्यूनतम जुर्माना लगाने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मुंडा शाह और मोईन शाह को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 2015 से चल रहा था मामला यह मामला वर्ष 2015 का है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। करीब 11 साल बाद अदालत ने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को हत्या का दोषी माना और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत के फैसले के बाद अब दोनों दोषियों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी। वहीं चार अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया है। व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद ने हत्या के करीब 11 साल पुराने मामले में बुधवार को दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जिला जज चतुर्थ दिव्या वशिष्ठ की अदालत ने हसपुरा थाना कांड संख्या 17/15 और एसटीआर 334/15 में दोषी करार दिए गए हसपुरा थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी मुंडा शाह और मोईन शाह को उम्रकैद की सजा दी। अदालत ने दोनों पर एक-एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर दोनों को तीन-तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में अदालत ने 10 सितंबर 2026 को मुंडा शाह और मोईन शाह को दोषी करार दिया था। बुधवार को सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सजा सुनाई। अश्लील गाना बजाने से रोकने पर हुआ था विवाद अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही के अनुसार, सलेमपुर निवासी मुन्ना शाह ने 5 फरवरी 2015 को हसपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में बताया गया था कि 4 फरवरी 2015 की रात करीब 9 बजे कुछ लोग उनके घर के सामने तेज आवाज में अश्लील गाना बजा रहे थे। मृतक अतीम शाह ने तेज आवाज में गाना बजाने का विरोध किया और उन्हें ऐसा करने से मना किया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप था कि इसके बाद अभियुक्तों ने लाठी और गंडासे से अतीम शाह पर हमला कर दिया। हमले में अतीम शाह के सिर में गंभीर चोट लगी। घटना के बाद आरोपी वहां से चले गए। गंभीर रूप से घायल अतीम शाह को परिजन इलाज के लिए हसपुरा ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। दो धाराओं में हुई सजा, साथ-साथ चलेगी एपीपी विंदेश्वरी प्रसाद तांती ने बताया कि अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं धारा 147/149 के तहत एक वर्ष के कारावास की सजा दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों धाराओं में सुनाई गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना नहीं देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने चार अन्य आरोपियों को किया दोषमुक्त इस मामले में कुल छह अभियुक्तों के खिलाफ सुनवाई हुई थी। अदालत ने मुंडा शाह और मोईन शाह को हत्या के मामले में दोषी ठहराया। वहीं मामले के अन्य अभियुक्त राजा शाह, शमसुर शाह, शहबुब शाह और ननछदा शाह को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। 10 सितंबर को दोनों दोषियों के दोषसिद्ध होने के बाद अदालत ने उनका बंधपत्र विखंडित कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। इसके बाद बुधवार को सजा की अवधि और जुर्माने के बिंदु पर सुनवाई हुई। अभियोजन ने अधिकतम सजा, बचाव पक्ष ने कम सजा मांगी सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत से दोषियों को अधिकतम सजा देने की मांग की। एपीपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी सजा की मांग रखी। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अदालत से नरमी बरतने का अनुरोध किया गया। बचाव पक्ष ने दोनों अभियुक्तों को मजदूर बताते हुए कम सजा और न्यूनतम जुर्माना लगाने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मुंडा शाह और मोईन शाह को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 2015 से चल रहा था मामला यह मामला वर्ष 2015 का है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। करीब 11 साल बाद अदालत ने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को हत्या का दोषी माना और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत के फैसले के बाद अब दोनों दोषियों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी। वहीं चार अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया है।

