औरंगाबाद में दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और किसी भी संभावित अग्निकांड को रोकने के उद्देश्य से विभाग की ओर से लगातार निरीक्षण और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने शहर में बनाए गए अस्थायी दुर्गा पूजा पंडालों का क्षेत्रवार निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण अभियान में महेंद्र कुमार बसंत्री, समादेष्टा, ‘अ’ मुख्यालय गृह रक्षा वाहिनी, बिहार, पटना, जिला अग्निशमन पदाधिकारी श्रेयांश बिप्रा और अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रमाकांत सिंह शामिल रहे। अधिकारियों ने विद्युत कॉलोनी स्थित दुर्गा पूजा पंडाल, पंचदेव धाम, जसोइया दुर्गा पूजा पंडाल और रमेश चौक स्थित पूजा पंडाल का निरीक्षण किया। इस दौरान आग से बचाव के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा की गई। वहीं, दानी बिगहा स्थित जिला अतिथि गृह में अग्निशमन विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा आपात स्थिति से निपटने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जानकारी ली और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने पूजा समितियों से कहा कि पंडालों में आग से बचाव के उपायों को प्राथमिकता दें और किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं करें। बैठक में स्वयंसेवकों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। सभी पूजा समितियों को अपने-अपने पंडालों में स्वयंसेवकों को सक्रिय रखने तथा उन्हें अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। स्वयंसेवकों को 24 घंटे अलर्ट रहने को कहा गया, ताकि आग लगने या किसी अन्य अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पूजा समितियों, स्वयंसेवकों और अग्निशमन विभाग के कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सुरक्षा नियमों के पालन के साथ किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की तैयारी रखने पर भी बल दिया गया। जागरूकता बोर्ड और सेल्फी प्वाइंट से दिया जा रहा संदेश अग्निशमन विभाग की ओर से पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं को आग से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष पहल की गई है। इसके तहत विभिन्न पंडालों में जागरूकता बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही अग्नि रक्षक की थीम पर सेल्फी प्वॉइंट भी बनाया गया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं, खासकर युवाओं को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और बचाव के उपायों का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। विभाग की इस पहल के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि थोड़ी-सी सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन कर बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। अधिकारियों ने पूजा समितियों से अपील की कि वे अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लें और स्वयंसेवकों को हर समय मुस्तैद रखें। अग्निशमन विभाग का यह अभियान दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षित माहौल बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विभाग का प्रयास है कि पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और त्योहार शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो। औरंगाबाद में दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और किसी भी संभावित अग्निकांड को रोकने के उद्देश्य से विभाग की ओर से लगातार निरीक्षण और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने शहर में बनाए गए अस्थायी दुर्गा पूजा पंडालों का क्षेत्रवार निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण अभियान में महेंद्र कुमार बसंत्री, समादेष्टा, ‘अ’ मुख्यालय गृह रक्षा वाहिनी, बिहार, पटना, जिला अग्निशमन पदाधिकारी श्रेयांश बिप्रा और अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रमाकांत सिंह शामिल रहे। अधिकारियों ने विद्युत कॉलोनी स्थित दुर्गा पूजा पंडाल, पंचदेव धाम, जसोइया दुर्गा पूजा पंडाल और रमेश चौक स्थित पूजा पंडाल का निरीक्षण किया। इस दौरान आग से बचाव के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा की गई। वहीं, दानी बिगहा स्थित जिला अतिथि गृह में अग्निशमन विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा आपात स्थिति से निपटने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जानकारी ली और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने पूजा समितियों से कहा कि पंडालों में आग से बचाव के उपायों को प्राथमिकता दें और किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं करें। बैठक में स्वयंसेवकों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। सभी पूजा समितियों को अपने-अपने पंडालों में स्वयंसेवकों को सक्रिय रखने तथा उन्हें अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। स्वयंसेवकों को 24 घंटे अलर्ट रहने को कहा गया, ताकि आग लगने या किसी अन्य अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पूजा समितियों, स्वयंसेवकों और अग्निशमन विभाग के कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सुरक्षा नियमों के पालन के साथ किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की तैयारी रखने पर भी बल दिया गया। जागरूकता बोर्ड और सेल्फी प्वाइंट से दिया जा रहा संदेश अग्निशमन विभाग की ओर से पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं को आग से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष पहल की गई है। इसके तहत विभिन्न पंडालों में जागरूकता बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही अग्नि रक्षक की थीम पर सेल्फी प्वॉइंट भी बनाया गया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं, खासकर युवाओं को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और बचाव के उपायों का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। विभाग की इस पहल के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि थोड़ी-सी सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन कर बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। अधिकारियों ने पूजा समितियों से अपील की कि वे अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लें और स्वयंसेवकों को हर समय मुस्तैद रखें। अग्निशमन विभाग का यह अभियान दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षित माहौल बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विभाग का प्रयास है कि पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और त्योहार शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो।

