ऑनलाइन लोन के नाम पर साइबर ठगी, 2 अरेस्ट:नवादा में फर्जी बैंककर्मी बनकर हासिल करते थे दस्तावेज, प्रोसेसिंग फीस के नाम पर वसूली

ऑनलाइन लोन के नाम पर साइबर ठगी, 2 अरेस्ट:नवादा में फर्जी बैंककर्मी बनकर हासिल करते थे दस्तावेज, प्रोसेसिंग फीस के नाम पर वसूली

नवादा के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र में ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9,770 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एसपी के निर्देश पर बनाई गई टीम पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर साइबर ठगी के खिलाफ विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बाघी और चकवाय गांव के आसपास छापेमारी की। कार्रवाई में दो युवकों को पकड़ा गया। दोनों आरोपी गांव के रहने वाले गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मीरबिघा निवासी रूपांशु कुमार (24) और चकवाय निवासी राजेश कुमार (21) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। बजाज-रिलायंस फाइनेंस के नाम पर झांसा पुलिस के मुताबिक, आरोपी बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस समेत अन्य कंपनियों के नाम पर लोगों को ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर फेसबुक से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें फोन किया जाता था। मैनेजर-कर्मचारी बनकर करते थे बात लोगों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी खुद को कभी बैंक मैनेजर तो कभी किसी वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताते थे। बातचीत के दौरान लोन स्वीकृत कराने का भरोसा देकर लोगों से जरूरी दस्तावेज मांगे जाते थे। आधार-पैन और बैंक दस्तावेज लेते थे आरोपी ठगी के लिए लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो समेत अन्य जानकारी हासिल करते थे। दस्तावेज मिलने के बाद लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी पुलिस के अनुसार, आरोपियों का मुख्य तरीका प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लोगों से रकम वसूलना था। लोन मिलने की उम्मीद में लोग उनके बताए तरीके से पैसे भेज देते थे, जिसके बाद आरोपी संपर्क से बचने लगते थे। मोबाइल और नकदी बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9,770 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन में मौजूद जानकारी और लेन-देन के विवरण की जांच कर रही है। मामले में वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 659/26 दर्ज किया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। नवादा के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र में ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9,770 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एसपी के निर्देश पर बनाई गई टीम पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर साइबर ठगी के खिलाफ विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बाघी और चकवाय गांव के आसपास छापेमारी की। कार्रवाई में दो युवकों को पकड़ा गया। दोनों आरोपी गांव के रहने वाले गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मीरबिघा निवासी रूपांशु कुमार (24) और चकवाय निवासी राजेश कुमार (21) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। बजाज-रिलायंस फाइनेंस के नाम पर झांसा पुलिस के मुताबिक, आरोपी बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस समेत अन्य कंपनियों के नाम पर लोगों को ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर फेसबुक से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें फोन किया जाता था। मैनेजर-कर्मचारी बनकर करते थे बात लोगों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी खुद को कभी बैंक मैनेजर तो कभी किसी वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताते थे। बातचीत के दौरान लोन स्वीकृत कराने का भरोसा देकर लोगों से जरूरी दस्तावेज मांगे जाते थे। आधार-पैन और बैंक दस्तावेज लेते थे आरोपी ठगी के लिए लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो समेत अन्य जानकारी हासिल करते थे। दस्तावेज मिलने के बाद लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी पुलिस के अनुसार, आरोपियों का मुख्य तरीका प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लोगों से रकम वसूलना था। लोन मिलने की उम्मीद में लोग उनके बताए तरीके से पैसे भेज देते थे, जिसके बाद आरोपी संपर्क से बचने लगते थे। मोबाइल और नकदी बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9,770 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन में मौजूद जानकारी और लेन-देन के विवरण की जांच कर रही है। मामले में वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 659/26 दर्ज किया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।  

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