Aichi-Nagoya Asian Games: जापान में चल रहे एशियाई गेम्स के दौरान एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। उत्तर कोरिया की टीम से जुड़े दो खिलाड़ी अपने देश वापस नहीं लौटना चाहते हैं। वे जापान में ही शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं।
यह जानकारी दक्षिण कोरिया की मासिक पत्रिका ‘मंथली जोसुन’ ने मंगलवार को दी है। पत्रिका के अनुसार, जापान की कैबिनेट इंटेलिजेंस एंड रिसर्च ऑफिस से जुड़े एक अधिकारी ने यह रिपोर्ट लीक की है।
नाम उजागर नहीं किया गया
उत्तर कोरिया से करीब 180 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ऐची-नागोया एशियाई गेम्स में शामिल हुआ है। खेल शनिवार को शुरू हुए थे। इन्हीं में से दो लोग जापान में रहना चाहते हैं। ये दोनों दक्षिण कोरिया के बजाय जापान में शरण पसंद कर रहे हैं।
उन्होंने साफ कह दिया है कि वे घर वापस नहीं जाएंगे। उनकी पहचान और प्रतिनिधिमंडल में क्या पद है, यह अभी नहीं बताया गया। यह भी साफ नहीं है कि उनकी यह कोशिश सच में कामयाब होगी या नहीं।
जापान सरकार ने अब तक नहीं दिया जवाब
पत्रिका ने बताया कि यह जानकारी जापान की खुफिया मशीनरी से जुड़े स्रोत से मिली है। इसमें जापान में रह रहे उत्तर कोरिया समर्थक संगठन चोंग्रयोन का भी जिक्र है।
उत्तर कोरिया ने खेल मंत्री किम इल-गुक समेत करीब 180 खिलाड़ी और अधिकारी भेजे हैं। जापान में राष्ट्रीय अवकाश होने की वजह से रॉयटर्स एजेंसी जापानी सरकार से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं ले सकी।
दक्षिण कोरिया की बजाय जापान को क्यों चुना?
इस घटना से एशियाई गेम्स में हलचल मचने की संभावना है। उत्तर कोरिया जैसे बंद देश से कोई बाहर निकलने की कोशिश करे तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाता है।
जापान में शरण मांगने का मतलब है कि ये दोनों वहां की सुरक्षा व्यवस्था और रहने की सुविधाओं पर भरोसा जता रहे हैं। दक्षिण कोरिया के बजाय जापान चुनना भी एक खास बात है। आमतौर पर उत्तर कोरिया से भागने वाले दक्षिण कोरिया जाना पसंद करते हैं। यहां उल्टा हुआ है।
हालांकि, इस बारे में अभी पूरी तरह से पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन अगर सच निकला तो एशियाई गेम्स की याद सिर्फ खेलों के लिए नहीं, बल्कि इस घटना के लिए भी रह जाएगी। जापानी अधिकारी इस मामले पर चुप हैं। दक्षिण कोरिया की पत्रिका ने स्रोत का हवाला देते हुए खबर छापी है।


Rim Jong Choe with North Korea’s first
(@CHINEMEREMMA993)