एशियाई खेलों में भारतीय ध्वज थामकर भावुक हुईं Manu Bhaker, दिवंगत कोच Jaspal Rana को किया याद

एशियाई खेलों में भारतीय ध्वज थामकर भावुक हुईं Manu Bhaker, दिवंगत कोच Jaspal Rana को किया याद

ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने शनिवार को कहा कि एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्हें अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा की बहुत याद आई। कबड्डी स्टार पवन सहरावत के साथ भारतीय ध्वज थामकर समारोह में हिस्सा लेना मनु के लिए यह मौका और भावुक बन गया। मनु ने यहां उद्घाटन समारोह के बाद कहा, ‘‘आज जसपाल सर की बहुत याद आई।उनके साथ नहीं होने से यह दिन वाकई भावुक कर देने वाला था। ’’
प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच राणा का 11 जून को 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने मनु के करियर में अहम भूमिका निभाई थी और 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्हें दो कांस्य पदक दिलाने में मार्गदर्शन किया था।चौबीस वर्षीय निशानेबाज इससे पहले भी बता चुकी हैं कि बहु-खेल प्रतियोगिताओं के उद्घाटन समारोहों को लेकर राणा की सलाह ने उनकी सोच को किस तरह प्रभावित किया था। राणा ने एक बार मनु से कहा था कि वह ऐसे समारोहों में तभी शामिल हो सकती हैं, जब वह ध्वजवाहक हों, वर्ना उन्हें समारोह टीवी पर देखना चाहिए क्योंकि आमतौर पर उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद उनकी स्पर्धाएं शुरू हो जाती थीं। मनु अपने तीसरे एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं।उन्होंने 2018 के अपने पहले एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह हिस्सा नहीं लिया था क्योंकि वह जकार्ता में मुख्य खिलाड़ियों के गांव से दूर पालेमबांग में थीं। बाद में उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और राणा की उस सलाह को याद किया जिसमें उन्होंने प्रतियोगिता को प्राथमिकता देने की बात कही थी। राणा की वही सलाह शनिवार को मनु को और भावुक बना गई, जब वह खुद मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत की ध्वजवाहकों में से एक बनकर मैदान में उतरीं।स्वतंत्र भारत की ओर से ओलंपिक के एक ही चरण में दो पदक जीतने वाली एकमात्र खिलाड़ी मनु अब निशानेबाजी स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगी। वह महिला 10 मीटर एयर पिस्टल, महिला 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हिस्सा लेंगी। 

ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने शनिवार को कहा कि एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्हें अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा की बहुत याद आई। कबड्डी स्टार पवन सहरावत के साथ भारतीय ध्वज थामकर समारोह में हिस्सा लेना मनु के लिए यह मौका और भावुक बन गया। मनु ने यहां उद्घाटन समारोह के बाद कहा, ‘‘आज जसपाल सर की बहुत याद आई।

उनके साथ नहीं होने से यह दिन वाकई भावुक कर देने वाला था। ’’
प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच राणा का 11 जून को 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने मनु के करियर में अहम भूमिका निभाई थी और 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्हें दो कांस्य पदक दिलाने में मार्गदर्शन किया था।

चौबीस वर्षीय निशानेबाज इससे पहले भी बता चुकी हैं कि बहु-खेल प्रतियोगिताओं के उद्घाटन समारोहों को लेकर राणा की सलाह ने उनकी सोच को किस तरह प्रभावित किया था। राणा ने एक बार मनु से कहा था कि वह ऐसे समारोहों में तभी शामिल हो सकती हैं, जब वह ध्वजवाहक हों, वर्ना उन्हें समारोह टीवी पर देखना चाहिए क्योंकि आमतौर पर उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद उनकी स्पर्धाएं शुरू हो जाती थीं। मनु अपने तीसरे एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं।

उन्होंने 2018 के अपने पहले एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह हिस्सा नहीं लिया था क्योंकि वह जकार्ता में मुख्य खिलाड़ियों के गांव से दूर पालेमबांग में थीं। बाद में उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और राणा की उस सलाह को याद किया जिसमें उन्होंने प्रतियोगिता को प्राथमिकता देने की बात कही थी। राणा की वही सलाह शनिवार को मनु को और भावुक बना गई, जब वह खुद मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत की ध्वजवाहकों में से एक बनकर मैदान में उतरीं।

स्वतंत्र भारत की ओर से ओलंपिक के एक ही चरण में दो पदक जीतने वाली एकमात्र खिलाड़ी मनु अब निशानेबाजी स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगी। वह महिला 10 मीटर एयर पिस्टल, महिला 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हिस्सा लेंगी।

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