एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की कमी से इकलौते बेटे की मौत:जमुई सदर अस्पताल की बड़ी लापरवाही, जांच में जुटा प्रशासन

एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की कमी से इकलौते बेटे की मौत:जमुई सदर अस्पताल की बड़ी लापरवाही, जांच में जुटा प्रशासन

जमुई सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। पटना रेफर किए गए 17 साल के एक युवक की 102 एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन न होने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान झाझा थाना क्षेत्र के फतेहपुर कानन गांव निवासी महावीर रजक के बेटे महिंद्र कुमार रजक (17) के रूप में हुई है। युवक के पिता महावीर रजक ने बताया कि उनके बेटे को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखकर उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। 102 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया गया। एंबुलेंस पहुंचने के बाद महिंद्र को उसमें बैठाया गया। इसी दौरान एंबुलेंस कर्मी ने बताया कि गाड़ी में ऑक्सीजन कम है और वह सिलेंडर लेने चला गया। इसी बीच एंबुलेंस में मौजूद महिंद्र की हालत अचानक बिगड़ने लगी और उसे सांस लेने में और परेशानी होने लगी। हालत गंभीर होते देख परिजन उसे एंबुलेंस से उतारकर वापस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले एकडरा चौक के पास एक सड़क हादसे में महिंद्र गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसका पटना में इलाज कराया गया था। इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य बताई गई थी और वह घर लौट आया था। अचानक सांस लेने में परेशानी होने के बाद ही उसे अस्पताल लाया गया था। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर ऑक्सीजन मिल जाती तो शायद महिंद्र की जान बच सकती थी। महिंद्र अपने परिवार का इकलौता बेटा था। सदर अस्पताल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. थनीष कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है। इसकी जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर एंबुलेंस कर्मियों पर एक्शन होगा। फिलहाल परिजनों की तरफ से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। जमुई सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। पटना रेफर किए गए 17 साल के एक युवक की 102 एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन न होने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान झाझा थाना क्षेत्र के फतेहपुर कानन गांव निवासी महावीर रजक के बेटे महिंद्र कुमार रजक (17) के रूप में हुई है। युवक के पिता महावीर रजक ने बताया कि उनके बेटे को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखकर उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। 102 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया गया। एंबुलेंस पहुंचने के बाद महिंद्र को उसमें बैठाया गया। इसी दौरान एंबुलेंस कर्मी ने बताया कि गाड़ी में ऑक्सीजन कम है और वह सिलेंडर लेने चला गया। इसी बीच एंबुलेंस में मौजूद महिंद्र की हालत अचानक बिगड़ने लगी और उसे सांस लेने में और परेशानी होने लगी। हालत गंभीर होते देख परिजन उसे एंबुलेंस से उतारकर वापस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले एकडरा चौक के पास एक सड़क हादसे में महिंद्र गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसका पटना में इलाज कराया गया था। इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य बताई गई थी और वह घर लौट आया था। अचानक सांस लेने में परेशानी होने के बाद ही उसे अस्पताल लाया गया था। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर ऑक्सीजन मिल जाती तो शायद महिंद्र की जान बच सकती थी। महिंद्र अपने परिवार का इकलौता बेटा था। सदर अस्पताल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. थनीष कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है। इसकी जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर एंबुलेंस कर्मियों पर एक्शन होगा। फिलहाल परिजनों की तरफ से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।  

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