एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश, लखनऊ परिसर के एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एएसईटी) द्वारा आज दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘स्मार्ट टेक्नोलॉजीज फॉर सोसाइटल डेवलपमेंट (एसटीएसडी-2026)’ का शुभारंभ किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि आईपीएस हर्ष सिंह, चीफ, फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (एफआरआरओ), लखनऊ, विशिष्ट अतिथि प्रो. कुलदीप कुमार, बॉंड यूनिवर्सिटी, गोल्ड कोस्ट, क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलिया, प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, प्रो वीसी, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर, विंग कमांडर (डॉ.) अनिल तिवारी (सेवानिवृत्त), डिप्टी प्रो वाइस चांसलर, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर, डॉ. राजेश के. तिवारी, डीन एकेडमिक्स, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ, डॉ. के. के. सिंह, एग्जीक्यूटिव कमेटी मेंबर, आईईईई यूपी सेक्शन तथा डॉ. सचिन कुमार, विभागाध्यक्ष, एएसईटी द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ ने कहा कि सम्मेलन के ये दो दिन वैश्विक ज्ञान और महत्वपूर्ण जानकारियों से भरपूर होंगे तथा विद्यार्थियों को इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज स्मार्ट टेक्नोलॉजी जीवन के सभी क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। मुख्य अतिथि हर्ष सिंह ने अपने जीवन के संघर्षों और एक हीन भावना से ग्रस्त छात्र से आईपीएस बनने तक की यात्रा साझा करते हुए कहा कि ईश्वर ने हर व्यक्ति को एक खास मकसद से बनाया है और हमें उसी मकसद को तलाशना होगा। उन्होंने बताया कि सिविल परीक्षा में हर बार असफल होने के बाद वे अपनी चूकों को तलाशते और उनमें सुधार कर बेहतर बनने का प्रयास करते थे। विशिष्ट अतिथि प्रो. कुलदीप कुमार ने सम्मेलन में कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान करने में सक्षम तकनीक पर अपने शोध और अध्ययन के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि कोई भी तकनीक तब स्मार्ट हो जाती है, जब वह समाज की किसी समस्या को हल करने में सहायक और प्रभावी बनती है। उन्होंने कहा कि आज स्मार्ट वॉच या स्मार्ट फोन केवल समय देखने या दूरभाष के यंत्र नहीं हैं। स्मार्ट वॉच समय के साथ हमारी दिल की धड़कनों, ब्लड प्रेशर, ब्लड ऑक्सीजन आदि की निगरानी भी करती है, जिससे हमें समस्या के प्रारंभ में ही संकेत मिल जाते हैं।

