एचईसी कर्मियों की मांग; वेतन दो, प्रमोशन दो:बकाया भुगतान को लेकर एचईसी प्रबंधन के खिलाफ कर्मियों का प्रदर्शन

एचईसी कर्मियों की मांग; वेतन दो, प्रमोशन दो:बकाया भुगतान को लेकर एचईसी प्रबंधन के खिलाफ कर्मियों का प्रदर्शन

वेतन भुगतान में देरी, प्रमोशन और सुविधाओं में कटौती से नाराज एचईसी कर्मियों ने मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया। एचईसी श्रमिक संघ के अध्यक्ष सन्नी सिंह ने प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों का 32 महीने का वेतन बकाया है। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने 2018 बैच के कर्मियों का प्रमोशन भी लंबित होने पर नाराजगी जताई। कहा कि सप्लाई कर्मियों की सुविधाएं बंद कर दी गई हैं। सीपीएफ लोन और प्लांट की कैंटीन सुविधा भी बंद है। उनके मुताबिक, कर्मचारियों की संख्या आधी होने के बावजूद उत्पादन 2016-17 के स्तर पर बना हुआ है। संघ ने मांग की कि इस महीने तीन महीने का वेतन दिया जाए और आगे हर 30 दिन में भुगतान हो। 2018 बैच का प्रमोशन शुरू करने, सप्लाई कर्मियों की सुविधाएं बहाल करने और सीपीएफ ट्रस्ट हटाने की भी मांग की गई। सन्नी सिंह ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा। इधर एचईसी मजदूर संघ ने भी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कारखाने में उत्पादन ठप हो सकता है। प्रसाद ने कहा कि कर्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन मिलना चाहिए, ताकि वे त्योहार मना सकें। कल मिलेगा 1 माह का वेतन वेतन संकट से जूझ रहे एचईसी कर्मियों को 15 अक्टूबर को एक महीने का वेतन मिलेगा। यह कहते हुए प्रबंधन सूत्र ने कहा कि कंपनी की आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। कर्मचारियों को हर महीने नियमित वेतन मिल सके, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मालूम हो कि कर्मियों का 32 महीने का वेतन बकाया है। एचईसी पर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की देनदारी है। ऐसे में नियमित वेतन भुगतान और आर्थिक स्थिति में सुधार प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती है। वेतन भुगतान में देरी, प्रमोशन और सुविधाओं में कटौती से नाराज एचईसी कर्मियों ने मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया। एचईसी श्रमिक संघ के अध्यक्ष सन्नी सिंह ने प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों का 32 महीने का वेतन बकाया है। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने 2018 बैच के कर्मियों का प्रमोशन भी लंबित होने पर नाराजगी जताई। कहा कि सप्लाई कर्मियों की सुविधाएं बंद कर दी गई हैं। सीपीएफ लोन और प्लांट की कैंटीन सुविधा भी बंद है। उनके मुताबिक, कर्मचारियों की संख्या आधी होने के बावजूद उत्पादन 2016-17 के स्तर पर बना हुआ है। संघ ने मांग की कि इस महीने तीन महीने का वेतन दिया जाए और आगे हर 30 दिन में भुगतान हो। 2018 बैच का प्रमोशन शुरू करने, सप्लाई कर्मियों की सुविधाएं बहाल करने और सीपीएफ ट्रस्ट हटाने की भी मांग की गई। सन्नी सिंह ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा। इधर एचईसी मजदूर संघ ने भी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कारखाने में उत्पादन ठप हो सकता है। प्रसाद ने कहा कि कर्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन मिलना चाहिए, ताकि वे त्योहार मना सकें। कल मिलेगा 1 माह का वेतन वेतन संकट से जूझ रहे एचईसी कर्मियों को 15 अक्टूबर को एक महीने का वेतन मिलेगा। यह कहते हुए प्रबंधन सूत्र ने कहा कि कंपनी की आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। कर्मचारियों को हर महीने नियमित वेतन मिल सके, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मालूम हो कि कर्मियों का 32 महीने का वेतन बकाया है। एचईसी पर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की देनदारी है। ऐसे में नियमित वेतन भुगतान और आर्थिक स्थिति में सुधार प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती है।  

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