भास्कर न्यूज | पानीपत देशभर में 25 अगस्त से 8 सितंबर तक सिविल अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा द्वारा कॉर्नियल अंधापन समाप्त करने और आम जनता को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सिविल अस्पताल में भी गुरुवार को इलाज के लिए आए मरीजों को जागरूक किया गया। डिप्टी सीएमओ डॉ. बिजेंद्र हुड्डा, आई स्पेशलिस्ट डॉ. केतन भारद्वाज, आई स्पेशलिस्ट डॉ. शालिनी समेत अन्य लोगों ने मरीजों को आंखों को डोनेट करने के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि एक मृत दाता के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों की आंखों को नई दृष्टि मिल सकती है। नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया दानदाता के परिवार और प्राप्तकर्ता दोनों के लिए पूरी तरह से नि:शुल्क है। नेत्र निकालने की प्रक्रिया में केवल 15 से 20 मिनट लगते हैं। मृत्यु के 6 से 8 घंटे के भीतर नेत्र सुरक्षित निकाले जा सकते हैं, इसलिए परिजनों को तुरंत सूचना देनी होती है। डॉ. केतन भारद्वाज ने बताया कि कोई भी नागरिक जीते जी संकल्प पत्र भर सकता है। किसी स्वजन की मृत्यु होने पर परिजन तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। उन्होंने बताया कि जिले में अब 8 लोग नेत्रदान कर चुके हैं, वहीं 200 लोगों ने संकल्प पत्र लिए हैं। नेत्रदान करने के लिए 8 सितंबर तक सिविल अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में लोगों को इसके बारे में जागरूक किया। डॉ. बिजेंद्र हुड्डा ने बताया कि नेत्रदान महादान है। कॉर्नियल दृष्टिहीनता को समाप्त करने के लिए समाज का आगे आना जरूरी है। लोग अपनी भ्रांतियां छोड़कर जीते जी संकल्प पत्र भरें और दूसरों के जीवन में उजाला लाएं।

