उन्नाव में 10 हजार लोगों का रास्ता गड्ढों में बदला:गंगाबख्श खेड़ा की सड़क पर जलभराव; स्कूल आने-जाने में परेशानी

उन्नाव में 10 हजार लोगों का रास्ता गड्ढों में बदला:गंगाबख्श खेड़ा की सड़क पर जलभराव; स्कूल आने-जाने में परेशानी

उन्नाव के गंगाबख्श खेड़ा गांव की मुख्य सड़क बारिश में लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं, जिनमें बारिश का पानी भर गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और हादसे का खतरा बना रहता है। यह मार्ग करीब 15 से 20 गांवों को जोड़ता है और लगभग 10 हजार लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। गंगाबख्श खेड़ा की यह सड़क लखनऊ-कानपुर हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे से सटे इलाकों को गांवों से जोड़ती है। ग्रामीणों के मुताबिक, इसी मार्ग से बच्चे स्कूल जाते हैं और लोग बाजार समेत रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए आते-जाते हैं। बारिश के बाद सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से पैदल चलना मुश्किल हो गया है। पानी से भरे गड्ढों में कई बार बच्चे गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। समस्या की जानकारी कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई। हालत यह है कि कई ग्रामीण खराब सड़क से बचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और गड्ढों को भरवाने की मांग की है। बारिश में सड़क बनी तालाब, गड्ढों का पता नहीं चलता बारिश के बाद सड़क के गड्ढों में पानी भर गया है। पानी जमा होने के कारण राहगीरों को यह पता नहीं चल पाता कि सड़क पर गड्ढा कितना गहरा है। वाहन चालक खासकर बाइक सवार अचानक गड्ढा आने पर संतुलन खो सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर निकलना लगातार जोखिम भरा बना हुआ है। 15 से 20 गांव जुड़े, 10 हजार लोगों का आवागमन गंगाबख्श खेड़ा की मुख्य सड़क आसपास के करीब 15 से 20 गांवों को जोड़ती है। करीब 10 हजार लोग रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण स्कूल, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए इसी सड़क से आते-जाते हैं। सड़क खराब होने से सबसे ज्यादा परेशानी पैदल चलने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को हो रही है। पानी भरे गड्ढों में गिर चुके बच्चे, बाइक सवार भी परेशान स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी से भरे गड्ढों में कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो चुके हैं। स्कूली बच्चों को रोज इस रास्ते से गुजरना पड़ता है, इसलिए अभिभावकों को भी उनकी सुरक्षा की चिंता बनी रहती है। बाइक सवारों के लिए भी सड़क खतरनाक हो गई है। अचानक गड्ढा सामने आने पर संतुलन बिगड़ने से हादसा होने की आशंका रहती है। शिकायतों के बाद भी मरम्मत नहीं, ग्रामीणों ने उठाए सवाल ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का सवाल है कि एक तरफ क्षेत्र से लखनऊ-कानपुर हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाएं गुजर रही हैं, वहीं उनसे जुड़े गांवों की मुख्य सड़क बदहाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गड्ढे भरवाने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। कई किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर सड़क की हालत खराब होने के कारण कुछ ग्रामीण इस रास्ते से निकलने के बजाय वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उन्हें कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत होने तक बारिश में समस्या बनी रहेगी। उन्होंने जिम्मेदार विभाग से जल्द कार्रवाई कर आवागमन सुचारु कराने और दुर्घटनाओं का खतरा खत्म करने की मांग की है।

0

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *