उदयपुर नगर निगम चुनाव, भाजपा की फाइनल सूची तैयार:कोर कमेटी की बैठक में 80 वार्डों के नामों पर हुआ गहन मंथन, सर्वे और स्थानीय विधायकों की पसंद से तय; जयपुर से मंजूरी बाकी

उदयपुर नगर निगम चुनाव, भाजपा की फाइनल सूची तैयार:कोर कमेटी की बैठक में 80 वार्डों के नामों पर हुआ गहन मंथन, सर्वे और स्थानीय विधायकों की पसंद से तय; जयपुर से मंजूरी बाकी

उदयपुर में नगर निगम चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के खेमे में टिकट वितरण की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। पार्टी स्तर पर सभी 80 वार्डों के लिए दावेदारों की फाइनल सूची पूरी तरह तैयार कर ली गई है। भाजपा कार्यालय में बुधवार को आयोजित कोर कमेटी की अहम बैठक में लंबी चर्चा और गहन मंथन किया गया। इस दौरान पार्टी ने सामाजिक समीकरणों, सांगठनिक सक्रियता और स्थानीय स्तर पर जनता के बीच पकड़ रखने वाले कार्यकर्ताओं का विशेष ध्यान रखा है। बैठक में संभाग प्रभारी राजेंद्र राठौड़ और नारायण पंचारिया सहित कोर कमेटी के सभी प्रमुख सदस्यों ने पैनल में शामिल एक-एक नाम पर बारीकी से विचार-विमर्श किया। अब इस तैयार सूची को अंतिम अनुमोदन के लिए जयपुर भेजा गया है। वहां प्रदेशाध्यक्ष से हरी झंडी मिलते ही आगामी दो दिनों के भीतर प्रत्याशियों की औपचारिक सूची जारी कर दी जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक वार्ड से तीन-तीन मजबूत दावेदारों का एक पैनल तैयार किया गया है। इसमें संगठन और स्थानीय नेताओं की पसंद के आधार पर पहली, दूसरी और तीसरी प्राथमिकता तय की गई है। इस बार दूसरे वार्ड के दावेदारों को मौका देने का नियम पूरी तरह लागू नहीं किया जाएगा। कई महत्वपूर्ण वार्डों में पार्टी अपने वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को चुनावी मैदान में उतारने का मन बना चुकी है। इन प्रमुख चेहरों में प्रमोद सामर, पारस सिंघवी और दिनेश भट्ट के नाम शामिल हैं। इस सूची में तीन से चार मंडल अध्यक्षों और उनके परिवार के सदस्यों को भी टिकट देकर मैदान में उतारा जा सकता है। पार्टी कई मौजूदा पार्षदों और पुराने चेहरों पर दोबारा भरोसा जताने की तैयारी में है। इस पूरी चयन प्रक्रिया में शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ और वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर के अलावा उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन और उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा की पसंद और सिफारिश का खास ख्याल रखा गया है। सूची में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के करीबी आधा दर्जन नेताओं को टिकट मिलने की संभावना है। महिला रिजर्व वार्डों में भी 3 से 4 नेताओं की पत्नियों को पहली टिकट दिया जा सकता है। बैठक में जनता के बीच दावेदारों की लोकप्रियता, सामाजिक समीकरण और जनप्रतिनिधियों की रैंकिंग को ही अंतिम चयन का आधार माना गया है। संगठन के आंतरिक सर्वे और दोनों विधायकों के फीडबैक के आधार पर ही पार्टी के वर्तमान ओर पूर्व पदाधिकारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस बैठक में संभाग प्रभारी पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़, पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया, बीजेपी के शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, उदयपुर निकाय प्रभारी और पूर्व सांसद कनकमल कटारा, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष अलका मूंदड़ा, संभाग प्रभारी नाहर सिंह जोधा और उदयपुर लोकसभा के पूर्व सांसद अर्जुनलाल मीणा मौजूद थे।

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