उदयपुर.सवीना थाना क्षेत्र मेतितरड़ी चौराहे पर गुरुवार सुबह एक ज्वेलरी शॉप में दिनदहाड़े चोरी ग्राहक बनकर पहुंचा एक व्यक्ति ने दुकानदार को बातों में लगाकर सोने की बालियां चोरी कर ले गया। चोरी हुए आभूषणों की कीमत करीब 3 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। यह घटना वहां पर लग रहे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
पुलिस ने बताया कि तितरड़ी स्थित नमो ज्वेलरी शॉप में गुरुवार सुबह 10.43 बजे एक अज्ञात व्यक्ति आया और दुकानदार को आभूषण दिखने के लिए कहा। देखते समय मौका पाकर सोने की बालियां लेकर फरार हो गया। चोरी का पता चलने पर दुकानदार ने तुरंत सवीना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखीए जिसमें संदिग्ध व्यक्ति नजर आ रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और फोटो के आधार पर सबूत जुटाकर अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
आईवीएफ के नाम पर पांच लाख की ठगी, महिला डॉक्टर के खिलाफ केस
इधर, हाथीपोल थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल संचालिका डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी और गर्भपात कारित करने का मामला दर्ज हुआ है। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। परिवादी आनंद नगर निवासी महिला ने अमर आशीष हॉस्पिटल संचालिका डॉ. नीना सक्सेना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप लगाया कि वह और उसके पति 30 मार्च 2025 को इलाज के लिए गए थे, जहां कई जांचों के बाद उन्हें गुमराह कर हिस्ट्रोस्कोपी व लेप्रोस्कोपी करवाई गई। बाद में आईवीएफ प्रक्रिया के तहत भ्रूण ट्रांसफर कराया गया, जिसके लिए ढाई लाख रुपए लिए गए। गर्भवती होने की पुष्टि के बाद भी डॉक्टर ने डराकर सर्विक्स बंद करने का ऑपरेशन किया, जिसके 20 हजार रुपए अलग से लिए गए। परिवादी का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान भ्रूण की मृत्यु हो गई, जिसकी पुष्टि 15 दिसंबर 2025 की सोनोग्राफी में हुई। कुल मिलाकर पांच लाख रुपए से अधिक की ठगी का आरोप है।
लोन संबंधी धोखाधड़ी, फाइनेंस कम्पनी के विरुद्ध केस
हाथीपोल थाने में फाइनेंस कम्पनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। कम ब्याज पर 25 लाख रुपए का लोन दिलाने का झांसा देकर दस्तावेज लेने और बाद में अधिक ब्याज वसूलने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने बताया कि ग्रेहम हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड कंपनी और उसके कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। परिवादी मेवाफरोश मार्ग कुंजरवाड़ी मोहम्मद असलम की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है। बताया गया कि कंपनी कर्मचारी राजकुमार मेघवाल, आशिष जोशी, मयंक चावत और अन्य महिला कर्मचारी ने परिवादी से संपर्क कर 25 लाख का लोन कम ब्याज पर दिलाने की बात कही। आरोप है कि उससे मकान की मूल रजिस्ट्री, हस्ताक्षरशुदा खाली चेक, स्टाम्प और अन्य दस्तावेज ले लिए। बताया कि 25 लाख के बजाय उसके खाते में 23.47 लाख ही दिए। शेष राशि फाइल व अन्य खर्चों के नाम पर काटी गई। उसने 7 प्रतिशत सालाना ब्याज बताए जाने के बावजूद लोन पर 14.85 प्रतिशत ब्याज लगाने का आरोप लगाया। बाद में छह माह में लोन फोरक्लोज करने की बात कही गई। उससे 11 किश्तें लेने के बाद 31 दिसंबर 2024 को 2950 रुपए फोरक्लोजर फीस ली गई, लेकिन लोन खाता बंद नहीं किया गया। उसके मूल दस्तावेज, चेक और स्टाम्प भी वापस नहीं किए।

