US Iran War Sanctions: अमेरिका और ईरान जंग अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है। युद्ध अब अंतहीन की तरफ बढ़ता हुआ भी दिख रहा है। हालांकि, सैन्य संघर्ष की तीव्रता पहले के मुकाबले काफी कम हुई है, लेकिन अभी भी समय-समय पर मिसाइलों के फटने की आवाज से दुनिया दहल रही है। अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कड़े आर्थिक प्रतिबंध भी लगा रहा है। इस कदम में अब उसे यूरोपीय यूनियन का भी साथ मिल गया है। यूरोपीय यूनियन ने पहले ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स को आतंकवादी संगठन घोषित कर प्रतिबंध लगाया हुआ है, अब अमेरिका के साथ मिलकर ईरान की आर्थिक कमर तोड़ सकता है।
सैन्य के साथ-साथ आर्थिक दबाव
अमेरिका की रणनीति अब सैन्य दबाव के साथ-साथ आर्थिक दबाव पर केंद्रित है। अगस्त 2026 में अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की फिर घोषणा की। इसे उन्होंने ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट कहा। जिसे इकोनॉमिक डी-डे” भी कहा गया। इसके तहत माध्यमिक प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया गया (डिजिटल एसेट्स, गोल्ड, टेक्नोलॉजी, एविएशन, शिपिंग), कई संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों को एसडीएन सूची में डाला गया तथा ईरान के तेल निर्यात नेटवर्क को निशाना बनाया गया। अमेरिका का लक्ष्य ईरान की वित्तीय जीवनरेखाएं काटना है।
ईयू ने IRGC को घोषित किया आतंकी संगठन
यूरोपीय यूनियन भी इस दिशा में आगे बढ़ा है। ईयू ने पहले ही फरवरी 2026 में आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित किया था और होर्मुज में नेविगेशन बाधित करने वालों पर प्रतिबंध लगाए थे। हाल ही में ट्रेजरी सचिव बेसेंट ने घोषणा की कि यूरोपीय यूनियन “ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट” में आधिकारिक रूप से शामिल हो गया है। ईयू ने आगे के उपायों के लिए तैयार रहने का संकेत दिया है, हालांकि वह कूटनीति और होर्मुज में पूर्ण स्वतंत्र आवागमन पर जोर देता रहा है। ईरान ने ईयू की इस भूमिका की आलोचना की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
अमेरिका के नए सैंक्शंस से दुनिया भर की कंपनियां प्रभावित
यूरोन्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के नए सेकेंडरी सैंक्शंस सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि दुनिया भर की उन कंपनियों को भी प्रभावित कर रहे हैं, जो अब भी तेहरान से किसी भी रूप से जुड़ी हुई हैं, क्योंकि डॉलर सिस्टम से बाहर होने का खतरा किसी भी वैश्विक कंपनी के लिए बड़ा जोखिम है। इससे यूरोपीय कंपनियां भी सतर्क होकर ईरान से दूरी बनाने पर मजबूर हैं। ट
ईरान की अर्थव्यवस्था इन संकटों से जूझ रही
ईरान की अर्थव्यवस्था फिलहाल एक साथ कई संकटों मसलन नकदी की किल्लत, आयात में रुकावट, ऊर्जा और जल संकट, व्यापार मार्गों में व्यवधान से जूझ रही है। 2027 में हालात कुछ बेहतर होने के आसार जताए जा रहे हैं, बशर्ते संघर्ष थमे और ऊर्जा निर्यात मार्ग सामान्य हों, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सुधार पूरी तरह प्रतिबंधों की सख्ती में ढील, संघर्ष के अंत और तेल निर्यात मार्गों की बहाली पर निर्भर करेगा और फिलहाल इनमें से कोई भी शर्त पूरी होती नजर नहीं आ रही।
28 फरवरी को हुई थी ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत
गौरतलब बात है कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई उच्च सैन्य और राजनीतिक नेताओं की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों तथा खाड़ी देशों को निशाना बनाया। होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग पर हमलों के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई।
जून 2026 में दोनों पक्ष संघर्ष विराम को हुए थे सहमत
जून 2026 में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम का प्रयास हुआ। 17 जून को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक 14-बिंदु वाला मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसमें सैन्य कार्रवाइयों की समाप्ति, होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवागमन और 60 दिनों की बातचीत का प्रावधान था। हालांकि, जून के अंत में ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया। ईरान पर वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का आरोप लगा, जबकि ईरान ने अमेरिकी हमलों को समझौते का उल्लंघन बताया। जुलाई में ट्रंप ने एमओयू को “खत्म” घोषित कर दिया और संघर्ष फिर से भड़क उठा।
सितंबर से संघर्ष ने फिर लिया नया रूप
सितंबर 2026 की शुरुआत में संघर्ष ने नया रूप लिया। 1 सितंबर को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के दक्षिणी क्षेत्रों (बैंडर अब्बास, कश्म द्वीप आदि) में आईआरजीसी के ठिकानों पर हवाई हमले किए। लक्ष्य एयर डिफेंस, रडार, समुद्री संपत्तियां और माइन-लेइंग क्षमताएं थीं। ईरान ने जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाब दिया। ईरान ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में एक शादी समारोह समेत नागरिक इलाकों में मौतें हुईं। यह हालिया आदान-प्रदान जुलाई के बाद सबसे बड़ा था।


BREAKING: US Treasury Secretary says it will Sanctions China in the upcoming Days
Iran is down to two months of gasoline and can no longer afford its own smugglers