ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच एक बार फिर जंग छिड़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) देश में मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर फिर से हमले शुरू करने का प्लान बना रहे थे, लेकिन चुनाव से कुछ घंटे पहले ही अमेरिका ने ईरान पर हमले कर दिए। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास स्थित केशम आइलैंड (Qeshm Island) पर हमले किए। केशम आइलैंड सैन्य और रणनीतिक लिहाज से ईरान के लिए काफी अहम है। ईरान भी जल्द ही अमेरिकी हमलों का जवाब दे सकता है, लेकिन इसी बीच अब ईरानी आर्मी के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर-जनरल अली अब्दुल्लाही (Ali Abdollahi) ने दुश्मन के खिलाफ अपने देश की लॉन्ग-टर्म सुरक्षा का रोडमैप पेश किया है।
क्या है अब्दुल्लाही का रोडमैप?
अब्दुल्लाही ने ईरान की स्थायी सुरक्षा के लिए जो रोडमैप पेश किया है, उसमें कुछ अहम पॉइंट्स हैं, जिसकी जानकारी ईरानी मीडिया ने दी है। आइए उन पॉइंट्स पर नज़र डालते हैं।
◙ लेबनान और गाज़ा सहित सभी मोर्चों पर दुश्मनी और हमलों का अंत।
◙ ईरान पर लगे प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाना और उसकी जब्त की गई संपत्तियों को बहाल करना।
◙ ईरान को युद्ध के कारण हुए नुकसान के हर्जाने का भुगतान।
◙ होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता देना।
◙ भविष्य में ईरान पर किसी भी तरह के हमले न हो, इसकी गारंटी और मिडिल ईस्ट के लिए एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करना।
बढ़ सकती है जंग
ईरान ने पहले ही साफ कर दिया था कि वो बातचीत के ज़रिए परेशानी का हल निकालना चाहता है, लेकिन अमेरिका के खिलाफ सरेंडर नहीं करेगा। ईरान की तरफ से कई मौकों पर चेतावनी भी दी गई है कि अगर उस पर फिर से हमले शुरू किए गए, तो उनका करारा जवाब दिया जाएगा। ईरान की सेना भी अमेरिकी हमलों का जवाब देने के लिए पिछले काफी समय से तैयारी कर रही है और हाई अलर्ट पर है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर एक बार फिर हमले तो कर दिए हैं, लेकिन अब ईरान भी इसका जल्द ही जवाब देगा, जिससे जंग बढ़ सकती है।

