लखनऊ में फर्जी फास्टैग और गलत वाहन नंबर से टोल चोरी के मामले में STF ने मंगलवार को कार्रवाई की। टीम ने लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे के इटौंजा टोल प्लाजा पर छापा मारा। यहां से सर्वर, CCTV कैमरों का DVR और टोल से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए गए। सर्वर STF के कब्जे में आने के बाद टोल वसूली बंद हो गई है। टोल का संचालन लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे लिमिटेड के पास है। इस मामले में कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान STF ने टोल चलाने वाली कंपनी से फास्टैग लेन-देन, वाहनों की आवाजाही और दूसरे जरूरी रिकॉर्ड मांगे थे। STF के अनुसार, कंपनी ने ये रिकॉर्ड नहीं दिए। इसके बाद जांच टीम ने कोर्ट से वारंट लिया। मंगलवार को इसी वारंट के आधार पर STF इटौंजा टोल प्लाजा पहुंची। टीम ने टोल का सर्वर, CCTV रिकॉर्डिंग वाला DVR और दूसरे दस्तावेज जब्त कर लिए। STF अब इन रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इससे फर्जी फास्टैग से टोल पार करने वाले वाहनों और इस नेटवर्क में शामिल लोगों की जानकारी जुटाई जा सकेगी। एक गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई की STF ने यह कार्रवाई सोमवार को एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद की। यह गिरोह फर्जी फास्टैग के जरिए टोल और ऑनलाइन चालान से बचता था। टीम ने सीतापुर के रहने वाले मुनीश को गिरफ्तार किया है। उसके साथी रियाज और सिराज की तलाश अभी जारी है। फर्जी फास्टैग से टोल चोरी का यह मामला करीब सात महीने पहले सामने आया था। लखनऊ दक्षिणी के एआरटीओ की शिकायत पर सरोजनीनगर थाने में FIR दर्ज हुई थी। बाद में इस मामले की जांच STF को सौंप दी गई। तभी से STF टीम इसकी जांच कर रही थी। ————————————– इससे जुड़ी 3 और खबरें पढ़िए- (फर्जी नंबर का फास्टैग बनवाकर ओवरलोडिंग करने वाला चालक गिरफ्तार) (फर्जी फास्टैग से करोड़ों की चोरी, दो सगे भाई गिरफ्तार) (फर्जी फास्टैग से टोल चोरी कराने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार)

