Benjamin Netanyahu: इजरायल में चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर के बीच ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर मतभेद की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेना प्रमुख ने कार्रवाई पर आगे चर्चा करने और कानूनी मंजूरी से जुड़े दस्तावेज पर नेतन्याहू के हस्ताक्षर की मांग की। हालांकि, नेतन्याहू ने इन आरोपों को बकवास बताया है।
क्या हैं पूरा मामला और क्यों खड़ा हुआ विवाद?
इजरायल के एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ प्रमुख जनरल एयाल जमीर कथित तौर पर ईरान के खिलाफ किसी भी जल्दबाजी में उठाए जाने वाले सैन्य कदम के विरोध में हैं। सूत्रों का दावा है कि जमीर ने इस मामले पर आगे की विस्तृत चर्चा और कानूनी मंजूरी के लिए पीएम नेतन्याहू के हस्ताक्षर वाले लिखित दस्तावेजों की मांग की है।
सैन्य हलकों में इस बात को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है कि राजनीतिक नेतृत्व चुनाव के समय अपने सियासी फायदे के लिए ईरान के मुद्दे का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। एक सैन्य सूत्र ने इसे बेहद संवेदनशील और नाजुक समय बताते हुए कहा कि इस तरह के कदमों से गलत आकलन का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने चैनल 14 को दिए एक इंटरव्यू में इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह बकवास बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप का खुला समर्थन और चुनाव का माहौल
इन सब बातों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुलकर बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में उतर आए हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इजरायली जनता से अपील की है कि वे नेतन्याहू को ही अपना समर्थन दें। ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान ईरान के खिलाफ किए गए सैन्य अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके और नेतन्याहू के संबंध हमेशा से मजबूत रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं को याद दिलाया कि देश को सुरक्षित रखने और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए नेतन्याहू जैसे मजबूत और अनुभवी नेतृत्व की जरूरत है।
तेल अवीव पर परमाणु हमले की AI तस्वीर
वोटिंग से ठीक दो दिन पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक एआई (AI) जनित तस्वीर साझा की थी, जिसमें तेल अवीव में परमाणु विस्फोट को दिखाया गया था। इसके साथ ही उन्होंने जनता को चेतावनी दी कि यदि उनके अलावा किसी अन्य नेता को चुना गया, तो इजरायल के लोगों को एक और बड़े खतरे का सामना करना पड़ सकता है। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि ईरान और उसके सहयोगियों से निपटने के लिए उनके पास ट्रंप के साथ मिलकर काम करने का यह सही समय है।


