इंचीटेप लगाकर कॉमर्शियल में नाप दूंगी:घूस देने से इनकार पर महिला राजस्व निरीक्षक ने धमकाया, बोली थी- फिर पूरा बिल भरना

इंचीटेप लगाकर कॉमर्शियल में नाप दूंगी:घूस देने से इनकार पर महिला राजस्व निरीक्षक ने धमकाया, बोली थी- फिर पूरा बिल भरना

‘इंचीटेप लगाकर पूरा कॉमर्शियल में नाप दूंगी… फिर पूरा बिल भरना पड़ेगा और पूरी बात ही खत्म हो जाएगी।’ प्रयागराज में एक दिन पहले गिरफ्तार की गई नगर निगम की महिला राजस्व निरीक्षक राधा देवी ने रिश्वत देने से इनकार करने पर शिकायतकर्ता को इसी तरह धमकाया था। यह खुलासा खुद एंटी करप्शन की जांच में हुआ है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उससे पहले एक कर्मचारी के जरिए 15 हजार रुपये मांगे गए। वह शिकायत लेकर गया तो राधा देवी ने रकम बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी। इसके बाद ही शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। फिर नगर निगम के जोन-7 कार्यालय में ट्रैप बिछाकर दोपहर करीब 1:16 बजे 20 हजार रुपये लेते ही आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। मार्च से शिकायत लेकर घूम रहा था पीड़ित
शिकायतकर्ता शारिक अहमद निवासी सेक्टर-ए शांतिपुरम, गद्दोपुर, फाफामऊ कपड़ों का व्यापार करते हैं। मार्च में उनका हाउस टैक्स बढ़ा हुआ आया। करीब 1.16 लाख रुपये का बिल आया था। इसे संशोधित कराने के लिए वह लगातार चक्कर काटता रहा लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। वह जोन कार्यालय में जाकर राधा देवी से मिला तो उन्होंने मकान पर आकर निरीक्षण भी किया। इसके बाद कार्यालय में आकर मिलने की बात कहते हुए वापस चली गईं। कुछ दिनों बाद धर्मेंद्र नाम के कर्मचारी ने फोन किया और कहा कि राधा मैडम ने बुलाया है। वहां जाने पर उसने 15 हजार रुपयों की डिमांड शुरू कर दी। यह बात बताई गई तो राधा देवी ने कहा कि काम कराने के 20 हजार रुपये लगेंगे। इसके बाद 28 सितंबर को पीड़ित ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन की प्रयागराज इकाई में शिकायत की। ‘मैं खुद पीड़ित हूं, फिर रुपये किस बात के दूं’ शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने राधा देवी से कहा कि उसके मकान के हाउस टैक्स की गलत बिलिंग हुई है और वह खुद इस मामले में पीड़ित है। ऐसे में वह रिश्वत किस बात की दे। आरोप है कि इस पर राधा देवी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने कहा कि एक दिन मौके पर आकर इंचीटेप लगाकर पूरा मकान कॉमर्शियल में नाप दूंगी। इसके बाद पूरा बिल जमा करना पड़ेगा और पूरी बात ही खत्म हो जाएगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस तरह उस पर 20 हजार रुपये देने का दबाव बनाया गया। दो बार में रकम देने की बात भी नहीं मानी शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर जब 20 हजार रुपये दो बार में देने की बात कही तो भी राधा देवी तैयार नहीं हुईं। आरोप है कि उन्होंने साफ कहा कि रकम एक बार में ही देनी होगी, तभी काम होगा। इसके बाद शारिक ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन की प्रयागराज इकाई में शिकायत कर दी। शिकायत की जांच के बाद टीम ने आरोपी महिला राजस्व निरीक्षक को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। 14 सदस्यीय टीम ने नगर निगम कार्यालय में बिछाया जाल 29 सितंबर को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की 14 सदस्यीय टीम फाफामऊ स्थित नगर निगम के जोन-7 कार्यालय पहुंची। टीम के साथ लोक सेवक साक्षी भी मौजूद थे। दोपहर करीब 1:16 बजे शिकायतकर्ता ने राधा देवी को 20 हजार रुपये दिए। आरोप है कि रकम लेते ही राधा देवी ने नोट टेबल की दराज में रख लिए। इसी दौरान ट्रैप टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर ली और मौके पर आवश्यक कार्रवाई की। पकड़े जाने के बाद गिड़गिड़ाने लगीं, फिर रोई ट्रैप टीम के हाथों पकड़े जाने के बाद राधा देवी के गिड़गिड़ाने और फिर रोने की बात सामने आई है। आरोप है कि उन्होंने टीम के सामने कहा कि उन्होंने कुछ नहीं किया है। हालांकि, कार्रवाई के बाद उनकी एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वह मुस्कुराती हुई नजर आ रही हैं। प्रतापगढ़ की रहने वाली गिरफ्तार राजस्व निरीक्षक की पहचान राधा देवी पत्नी अंशुल कुमार, पुत्री गिरधारी लाल के रूप में हुई है। वह मूल रूप से प्रतापगढ़ के मान्धाता थाना क्षेत्र के पुरेला गांव की रहने वाली हैं। वर्तमान में वह फाफामऊ क्षेत्र में राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनात थीं और प्रयागराज के गोविंदपुर इलाके में रह रही थीं। एंटी करप्शन ने शुरू की विवेचना एंटी करप्शन प्रयागराज के प्रभारी रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद आरोपी राजस्व निरीक्षक के खिलाफ फाफामऊ थाने में अभियोग पंजीकृत कराया गया। इसके बाद इस मुकदमे को एंटी करप्शन थाने में ट्रांसफर किया गया। विवेचना समेत अन्य कार्रवाई अब एंटी करप्शन टीम ही कर रही है। बुधवार को एंटी करप्शन कोर्ट में पेशी गिरफ्तार राजस्व निरीक्षक को बुधवार को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट में उनकी रिमांड को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोई रिश्वत मांगे तो शिकायत करें
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई अराजपत्रित सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तत्काल भ्रष्टाचार निवारण संगठन प्रयागराज मंडल के 9454402490 या मुख्यालय लखनऊ कंट्रोल रूम के 9454402484 पर की जा सकती है।

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