मुजफ्फरपुर में रविवार की सुबह 4 साल के बच्चे को आवारा कुत्ते ने नोट डाला। कुत्ते के हमसे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। सोमवार को घटना से संबंधित वीडियो सामने आया है। घायल बच्चा करबला निवासी मो. नदीम का बेटा मो. जोहैद है। जो घर के पास सड़क किनारे खेल रहा था। इसी दौरान आवारा कुत्तों का झुंड पहुंचा और हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे को जमीन पर पटक दिया और नोचना शुरू कर दिया। घटना नगर थाना क्षेत्र के बड़ी करबला वार्ड-11 की है। परिजन अस्पताल ले गए बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर शोर मचाया, जिसके बाद कुत्ते घायल बच्चे को छोड़कर भाग गए। घटना के तुरंत बाद परिजन और स्थानीय लोग घायल बच्चे को मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल ले गए। आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने बच्चे के गहरे जख्मों की सफाई की और प्राथमिक उपचार दिया। बच्चे की स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर है। सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है
इस घटना के बाद से वार्ड-11 और आसपास के निवासियों में नगर निगम प्रशासन और स्थानीय पुलिस के प्रति काफी आक्रोश है। मोहल्ले वासियों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या बहुत बढ़ गई है, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का सड़क पर निकलना दूभर हो गया है।
पहले भी कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की ओर से कुत्तों को पकड़ने या उनकी नसबंदी का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाला जाए। मुजफ्फरपुर में रविवार की सुबह 4 साल के बच्चे को आवारा कुत्ते ने नोट डाला। कुत्ते के हमसे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। सोमवार को घटना से संबंधित वीडियो सामने आया है। घायल बच्चा करबला निवासी मो. नदीम का बेटा मो. जोहैद है। जो घर के पास सड़क किनारे खेल रहा था। इसी दौरान आवारा कुत्तों का झुंड पहुंचा और हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे को जमीन पर पटक दिया और नोचना शुरू कर दिया। घटना नगर थाना क्षेत्र के बड़ी करबला वार्ड-11 की है। परिजन अस्पताल ले गए बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर शोर मचाया, जिसके बाद कुत्ते घायल बच्चे को छोड़कर भाग गए। घटना के तुरंत बाद परिजन और स्थानीय लोग घायल बच्चे को मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल ले गए। आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने बच्चे के गहरे जख्मों की सफाई की और प्राथमिक उपचार दिया। बच्चे की स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर है। सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है
इस घटना के बाद से वार्ड-11 और आसपास के निवासियों में नगर निगम प्रशासन और स्थानीय पुलिस के प्रति काफी आक्रोश है। मोहल्ले वासियों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या बहुत बढ़ गई है, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का सड़क पर निकलना दूभर हो गया है।
पहले भी कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की ओर से कुत्तों को पकड़ने या उनकी नसबंदी का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाला जाए।

