शेखपुरा के घाटकुसुम्भा प्रखंड में हरोहर नदी के पानी से पिछले करीब 15 दिनों से घिरे गांवों की स्थिति का जायजा लेने शनिवार शाम राज्य आपदा विभाग की तीन सदस्यीय टीम पहुंची। टीम ने प्रखंड मुख्यालय समेत पानापुर, आलापुर, कोयला और बाउघाट सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान जलजमाव की स्थिति देखने के साथ हरोहर नदी का भी निरीक्षण किया गया। पटना से पहुंची तीन सदस्यीय टीम आपदा विभाग के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार के नेतृत्व में टीम शेखपुरा पहुंची थी। अधिकारियों ने बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति को समझने का प्रयास किया। टीम ने पानापुर, आलापुर, कोयला और बाउघाट समेत आसपास के गांवों में पहुंचकर पानी की स्थिति देखी। हरोहर नदी के जलस्तर और नदी किनारे बसे गांवों पर इसके प्रभाव का भी जायजा लिया गया। प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक दौरे के बाद आपदा विभाग की टीम ने घाटकुसुम्भा प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बीडीओ, सीओ, एडीएम और प्रखंड प्रमुख समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रभावित इलाकों और बाढ़ की स्थिति पर जानकारी ली गई। टीम प्रमुख अविनाश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि निरीक्षण के बाद पूरी स्थिति की रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने नदी किनारे बसे गांवों को आवश्यक मदद दिए जाने की बात भी कही। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग घाटकुसुम्भा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग लगातार उठ रही है। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से इस संबंध में सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही है। पिछले सप्ताह शेखपुरा के विधायक रणधीर कुमार सोनी और विधान पार्षद ललन प्रसाद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर घाटकुसुम्भा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर लिखित आवेदन दिया था। कांग्रेस नेता की पांचवें दिन भी भूख हड़ताल इसी मांग को लेकर कांग्रेस नेता पप्पू राज मंडल पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। शनिवार को कांग्रेस की ओर से शेखपुरा में धरना-प्रदर्शन भी किया गया। लगातार जलजमाव और बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग के बीच आपदा विभाग की टीम के दौरे को अहम माना जा रहा है। अब टीम की रिपोर्ट के आधार पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर लोगों की नजर है। शेखपुरा के घाटकुसुम्भा प्रखंड में हरोहर नदी के पानी से पिछले करीब 15 दिनों से घिरे गांवों की स्थिति का जायजा लेने शनिवार शाम राज्य आपदा विभाग की तीन सदस्यीय टीम पहुंची। टीम ने प्रखंड मुख्यालय समेत पानापुर, आलापुर, कोयला और बाउघाट सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान जलजमाव की स्थिति देखने के साथ हरोहर नदी का भी निरीक्षण किया गया। पटना से पहुंची तीन सदस्यीय टीम आपदा विभाग के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार के नेतृत्व में टीम शेखपुरा पहुंची थी। अधिकारियों ने बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति को समझने का प्रयास किया। टीम ने पानापुर, आलापुर, कोयला और बाउघाट समेत आसपास के गांवों में पहुंचकर पानी की स्थिति देखी। हरोहर नदी के जलस्तर और नदी किनारे बसे गांवों पर इसके प्रभाव का भी जायजा लिया गया। प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक दौरे के बाद आपदा विभाग की टीम ने घाटकुसुम्भा प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बीडीओ, सीओ, एडीएम और प्रखंड प्रमुख समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रभावित इलाकों और बाढ़ की स्थिति पर जानकारी ली गई। टीम प्रमुख अविनाश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि निरीक्षण के बाद पूरी स्थिति की रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने नदी किनारे बसे गांवों को आवश्यक मदद दिए जाने की बात भी कही। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग घाटकुसुम्भा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग लगातार उठ रही है। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से इस संबंध में सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही है। पिछले सप्ताह शेखपुरा के विधायक रणधीर कुमार सोनी और विधान पार्षद ललन प्रसाद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर घाटकुसुम्भा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर लिखित आवेदन दिया था। कांग्रेस नेता की पांचवें दिन भी भूख हड़ताल इसी मांग को लेकर कांग्रेस नेता पप्पू राज मंडल पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। शनिवार को कांग्रेस की ओर से शेखपुरा में धरना-प्रदर्शन भी किया गया। लगातार जलजमाव और बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग के बीच आपदा विभाग की टीम के दौरे को अहम माना जा रहा है। अब टीम की रिपोर्ट के आधार पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर लोगों की नजर है।

