बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव है, इसलिए बीते 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। राजधानी रांची सहित लगभग पूरे झारखंड में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को मानसून के प्रवेश के करीब दो माह बाद पहली बार राज्य के छह जिलों में अब तक की बारिश का कोटा पूरा हो गया। लगातार बारिश से कोल्हान और मध्य झारखंड के कई इलाके तरबतर हो गए हैं। रांची और दुमका में अब तक सामान्य से 1% अधिक बारिश दर्ज की गई है। खूंटी और सरायकेला-खरसावां में सामान्य से 10%, सिमडेगा में 7% और चाईबासा में 49% अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश की कमी 18% से घटकर 12% हुई मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक राज्य में 689.8 मिमी सामान्य बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 606 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। इस तरह बारिश की कमी अब 18% से घटकर 12% रह गई है। हालांकि, राज्य के 10 जिले ऐसे हैं, जहां अब भी सामान्य से 20% से अधिक बारिश की कमी बनी हुई है। लगातार सक्रिय मानसून के कारण आने वाले दिनों में यह अंतर और कम होने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में हुई बारिश ने खासकर कोल्हान और मध्य झारखंड में बारिश की स्थिति को मजबूत किया है। कई इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। 6 जिलों में भारी बारिश की संभावना, यलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे राज्य के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रांची में भी दो से तीन बार बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की आशंका है। इसे देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। 20 अगस्त से राज्य में तेज बारिश से कुछ राहत मिलने की संभावना है। चाईबासा में सामान्य से 49% ज्यादा बारिश झारखंड में मानसूनी बारिश का आंकड़ा जिलों के बीच बड़ा अंतर दिखा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चाईबासा में अब तक 1025.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 49% अधिक है। इसके बाद सिमडेगा में 953.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 7% ज्यादा है। खूंटी में 811.8 मिमी और सरायकेला में 755.2 मिमी बारिश हुई है। दोनों जिलों में सामान्य से 10% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। रांची में 713.4 मिमी बारिश हुई है और यह सामान्य से 1% अधिक है। जमशेदपुर में भी 747.4 मिमी बारिश के साथ स्थिति सामान्य से 1% अधिक है। आंकड़े बताते हैं कि दक्षिणी झारखंड के कई जिलों में मानसून ने बारिश की कमी को काफी हद तक पाट दिया है। उत्तर-पश्चिम और संताल में अब भी बड़ा अंतर दूसरी ओर राज्य के कई जिलों में बारिश की कमी गंभीर बनी हुई है। पाकुड़ में सामान्य से 54% कम बारिश हुई है। यहां अब तक 356.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। चतरा में 320.9 मिमी बारिश हुई है और कमी 50% है। गढ़वा में 301.2 मिमी के साथ 51%, देवघर में 351.1 मिमी के साथ 46% और कोडरमा में 321.5 मिमी के साथ 45% बारिश की कमी है। गिरिडीह में 402.4 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 38% कम है। पलामू में 35%, हजारीबाग में 32% और बोकारो तथा गोड्डा में 28% की कमी दर्ज की गई है। बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव है, इसलिए बीते 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। राजधानी रांची सहित लगभग पूरे झारखंड में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को मानसून के प्रवेश के करीब दो माह बाद पहली बार राज्य के छह जिलों में अब तक की बारिश का कोटा पूरा हो गया। लगातार बारिश से कोल्हान और मध्य झारखंड के कई इलाके तरबतर हो गए हैं। रांची और दुमका में अब तक सामान्य से 1% अधिक बारिश दर्ज की गई है। खूंटी और सरायकेला-खरसावां में सामान्य से 10%, सिमडेगा में 7% और चाईबासा में 49% अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश की कमी 18% से घटकर 12% हुई मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक राज्य में 689.8 मिमी सामान्य बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 606 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। इस तरह बारिश की कमी अब 18% से घटकर 12% रह गई है। हालांकि, राज्य के 10 जिले ऐसे हैं, जहां अब भी सामान्य से 20% से अधिक बारिश की कमी बनी हुई है। लगातार सक्रिय मानसून के कारण आने वाले दिनों में यह अंतर और कम होने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में हुई बारिश ने खासकर कोल्हान और मध्य झारखंड में बारिश की स्थिति को मजबूत किया है। कई इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। 6 जिलों में भारी बारिश की संभावना, यलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे राज्य के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रांची में भी दो से तीन बार बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की आशंका है। इसे देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। 20 अगस्त से राज्य में तेज बारिश से कुछ राहत मिलने की संभावना है। चाईबासा में सामान्य से 49% ज्यादा बारिश झारखंड में मानसूनी बारिश का आंकड़ा जिलों के बीच बड़ा अंतर दिखा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चाईबासा में अब तक 1025.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 49% अधिक है। इसके बाद सिमडेगा में 953.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 7% ज्यादा है। खूंटी में 811.8 मिमी और सरायकेला में 755.2 मिमी बारिश हुई है। दोनों जिलों में सामान्य से 10% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। रांची में 713.4 मिमी बारिश हुई है और यह सामान्य से 1% अधिक है। जमशेदपुर में भी 747.4 मिमी बारिश के साथ स्थिति सामान्य से 1% अधिक है। आंकड़े बताते हैं कि दक्षिणी झारखंड के कई जिलों में मानसून ने बारिश की कमी को काफी हद तक पाट दिया है। उत्तर-पश्चिम और संताल में अब भी बड़ा अंतर दूसरी ओर राज्य के कई जिलों में बारिश की कमी गंभीर बनी हुई है। पाकुड़ में सामान्य से 54% कम बारिश हुई है। यहां अब तक 356.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। चतरा में 320.9 मिमी बारिश हुई है और कमी 50% है। गढ़वा में 301.2 मिमी के साथ 51%, देवघर में 351.1 मिमी के साथ 46% और कोडरमा में 321.5 मिमी के साथ 45% बारिश की कमी है। गिरिडीह में 402.4 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 38% कम है। पलामू में 35%, हजारीबाग में 32% और बोकारो तथा गोड्डा में 28% की कमी दर्ज की गई है।

