अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई के लिए MSU का धरना:मधुबनी में सिविल सर्जन को बर्खास्त करने की भी अपील, जांच की मांग

अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई के लिए MSU का धरना:मधुबनी में सिविल सर्जन को बर्खास्त करने की भी अपील, जांच की मांग

मधुबनी में संचालित अवैध नर्सिंग होम, मानक विहीन अस्पतालों और जांच घरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) के कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से जिले में संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। धरना पर बैठे एमएसयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिले में कई नर्सिंग होम, निजी अस्पताल और जांच घर संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों की वैधता, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच जरूरी है। निर्धारित स्वास्थ्य मानकों की जांच कराने की मांग उन्होंने कहा कि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की कि जिले में संचालित सभी नर्सिंग होम, निजी अस्पतालों और जांच घरों की निष्पक्ष जांच के लिए अपने स्तर से एक विशेष टीम गठित की जाए। टीम के माध्यम से संस्थानों के निबंधन, चिकित्सकों की योग्यता, उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों की जांच कराई जाए। सिविल सर्जन को बर्खास्त करने की मांग जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही एमएसयू कार्यकर्ताओं ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सिविल सर्जन को बर्खास्त करने की मांग भी जिलाधिकारी से की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। मधुबनी में संचालित अवैध नर्सिंग होम, मानक विहीन अस्पतालों और जांच घरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) के कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से जिले में संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। धरना पर बैठे एमएसयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिले में कई नर्सिंग होम, निजी अस्पताल और जांच घर संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों की वैधता, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच जरूरी है। निर्धारित स्वास्थ्य मानकों की जांच कराने की मांग उन्होंने कहा कि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यूनियन के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की कि जिले में संचालित सभी नर्सिंग होम, निजी अस्पतालों और जांच घरों की निष्पक्ष जांच के लिए अपने स्तर से एक विशेष टीम गठित की जाए। टीम के माध्यम से संस्थानों के निबंधन, चिकित्सकों की योग्यता, उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों की जांच कराई जाए। सिविल सर्जन को बर्खास्त करने की मांग जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही एमएसयू कार्यकर्ताओं ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सिविल सर्जन को बर्खास्त करने की मांग भी जिलाधिकारी से की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।  

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