रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस कंपनी ‘जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड’ देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO लाने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग में अपने शेयरों का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय कर सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए ₹10.3 लाख करोड़ तक की मार्केट वैल्यूएशन का टारगेट लेकर चल रही है। 30,200 करोड़ रुपए जुटाने का टारगेट प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, जियो का यह IPO आईपीओ लगभग ₹30,200 करोड़ जुटाएगा। इसके साथ ही यह हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के अक्टूबर 2024 में आए ₹27,800 करोड़ के शेयर सेल के रिकॉर्ड को तोड़कर भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। 21 से 23 अक्टूबर के बीच पब्लिक इश्यू ओपन होगा एंकर बुक: 19 अक्टूबर को ओपन होगा। पब्लिक सब्सक्रिप्शन: 21 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर को बंद होगा। लिस्टिंग (शेयर ट्रेडिंग): 28 अक्टूबर से शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने की संभावना है। हालांकि, सूत्रों ने कंफर्म किया है कि ये चर्चाएं अभी जारी हैं और बाजार की कंडिशन के हिसाब से प्राइस बैंड, वैल्यूएशन और तारीखों में बदलाव भी संभव है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से अब तक इस पर कोई बयान सामने नहीं आया है। वैल्यूएशन में पहले के मुकाबले नरमी जियो ने जून में 27 करोड़ नए शेयरों के इश्यू के लिए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था, जो इसके पोस्ट-इश्यू इक्विटी कैपिटल के लगभग 2.93% के बराबर है। पहले कंपनी करीब ₹11 लाख करोड़ के वैल्यूएशन की उम्मीद कर रही थी। शुरुआती चर्चाओं में $130 बिलियन से $170 बिलियन तक के वैल्यूएशन की बात भी सामने आई थी। हालांकि, भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में आई बिकवाली के चलते कई कंपनियों ने अपने आईपीओ वैल्यूएशन को री-एडजस्ट किया है। ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सर्विसेज ने जून में जियो की वैल्यूएशन $115 बिलियन से $118 बिलियन के बीच बताई थी। वहीं दोलत कैपिटल ने इसकी वैल्यूएशन $110 बिलियन आंकी थी। 19 बड़े बैंकों को सौंपी गई जिम्मेदारी इस मेगा शेयर बिक्री को संभालने के लिए जियो ने 19 बड़े इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया है। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली, बैंक ऑफ अमेरिका कॉर्प, एक्सिस कैपिटल, बीएनपी पारिबा और सिटीग्रुप जैसे बड़े वैश्विक और घरेलू नाम शामिल हैं। क्या होता है एंकर बुक और प्राइस बैंड? प्राइस बैंड: यह वह मिनिमम और मैक्सिमम प्राइस रेज होती है, जिसके भीतर निवेशक किसी आईपीओ में शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। एंकर इन्वेस्टर: यह इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (जैसे म्यूचुअल फंड या एफआईआई) होते हैं, जिन्हें आम जनता के लिए आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले शेयर अलॉट किए जाते हैं। इससे बाजार में इश्यू को लेकर भरोसा बनता है।
जियो के IPO का प्राइस बैंड ₹1,065-1,119 हो सकता है:₹30,200 करोड़ जुटाने का प्लान, ₹10.3 लाख करोड़ मार्केट वैल्यूएशन का टारगेट

