बनारस से नई दिल्ली के बीच शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शनिवार रात करीब 11:30 बजे अलीगढ़ जंक्शन पहुंची। उत्तर प्रदेश की पहली वंदे भारत स्लीपर के स्वागत में स्टेशन पर उत्सव जैसा माहौल रहा। प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जयकारे लगाए। यात्रियों और रेल प्रेमियों में ट्रेन के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई।
ट्रेन के आगमन से पहले स्टेशन पर स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इसमें अलीगढ़ सांसद सतीश कुमार गौतम और हाथरस सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि मौजूद रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला, पूर्व महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, युवा मोर्चा अध्यक्ष अमन गुप्ता, जिला महामंत्री मुकेश लोधी और शिवनारायण शर्मा समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। दोनों सांसदों ने बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान रेलवे की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) धनंजय कुमार सिंह मौजूद रहे। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए वंदे भारत स्लीपर की विशेषताओं और प्रयागराज मंडल में चल रहे रेल विकास कार्यों की जानकारी दी।
रात करीब 11:30 बजे ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची तो सांसदों और भाजपा नेताओं ने उसका स्वागत किया। इसके बाद सांसदों और जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया। ट्रेन के कोच और आधुनिक बनावट को देखने के लिए प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ जुटी रही।
दो नवंबर से नियमित चलेगी ट्रेन
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का नियमित संचालन दो नवंबर से शुरू होगा। यह सप्ताह में छह दिन दोनों दिशाओं में चलेगी। वाराणसी से दिल्ली जाते समय अलीगढ़ जंक्शन पर तड़के 3:55 बजे पहुंचेगी और दो मिनट ठहराव के बाद 3:57 बजे रवाना होगी।
वहीं, दिल्ली से वाराणसी लौटते समय रात 11:20 बजे अलीगढ़ पहुंचेगी और 11:22 बजे रवाना होगी। वाराणसी से शुक्रवार और दिल्ली से शनिवार को ट्रेन का संचालन नहीं होगा। वंदेभारत मिली, अब राजधानी का होगा प्रयास:सतीश सांसद सतीश गौतम ने कहा कि इस ट्रेन का अलीगढ़ स्टेशन पर ठहराव होने से जिले के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। खासकर व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अलीगढ़ में शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव के लिए भी प्रयास जारी हैं। इन ट्रेनों का ठहराव मिलने से अलीगढ़ की दिल्ली और अन्य बड़े शहरों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि जिले के व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। अलीगढ़ को मथुरा से जोड़ने के प्रस्ताव पर चल रहा काम:अनूप हाथरस के सांसद ने भी ट्रेन के अलीगढ़ ठहराव को लेकर आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन के ठहराव से अलीगढ़ के साथ हाथरस के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। दोनों जिलों के लोगों के लिए रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ और हाथरस के दोनों सांसद मिलकर अलीगढ़ को मथुरा रेललाइन से जुड़वाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इस दिशा में भी सफलता मिलने की उम्मीद है।

