Alwar VDO Corruption: अलवर जिले में कठूमर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सोंखर में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) हितेश शर्मा पर पत्नी, तीन बेटों और एक रिश्तेदार को विकास कार्यों में मजदूर दर्शाकर मजदूरी का भुगतान उठाने के आरोप हैं। ऑनलाइन मस्टररोल के अनुसार, जहां अन्य मजदूरों की मजदूरी 200 रुपए प्रतिदिन दर्ज है, वहीं वीडीओ की पत्नी और तीन बेटों को 600 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया गया।
साल 2020-21 से 2025 के दौरान स्वीकृत नौ विकास कार्यों में से पांच में इन पांच व्यक्तियों के खातों में कुल 95 हजार 202 रुपए भेजे गए। इनमें एक बेटा सरकारी सेवा में बताया जा रहा है, जबकि रिश्तेदार के बैंक में कार्यरत होने की जानकारी है। वीडीओ का कहना है कि राशि सरकारी खाते में वापस जमा करा दी गई है। शिकायत के बाद वीडीओ ने ग्रामीणों की ओर से मेजरनामा लिखकर अधिकारियों को दिया है।
इसमें वीडीओ और एलडीसी के खिलाफ आगे कार्रवाई नहीं चाहने का उल्लेख बताया गया है। हालांकि, सवाल यह है कि मजदूरों की पात्रता और मास्टररोल की जांच किए बिना भुगतान कैसे स्वीकृत हुआ और पंचायत समिति स्तर पर सत्यापन किसने किया।
नाली निर्माण से सड़क तक में भुगतान
नालियों पर जाली लगाने के लिए 14वें वित्त आयोग से 1.29 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। इस कार्य में मोहित और रोहित को 7,200-7,200 रुपए तथा सुमन को 2,640 रुपए दिए गए। सार्वजनिक बोरिंग पर टंकी निर्माण सहित अन्य कार्यों में भी परिजनों के नाम भुगतान दर्ज है। ग्रेवल सड़क पर मोरम डालने के कार्य में यशवंत तिवारी को 2,873 रुपए दिए गए।
गंभीरता से जांच कराएंगे
कोई भी अधिकारी अपने परिजन के खाते में सरकारी योजना की राशि नहीं डाल सकता। प्रकरण की गंभीरता से जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
-यक्ष चौधरी, सीईओ, जिला परिषद
पांचों के खातों में अलग-अलग भुगतान
मास्टररोल में मोहित, रोहित और सोहित के पिता का नाम हितेश तथा सुमन के पति का नाम हितेश दर्ज है। इन्हें वीडीओ के बेटे और पत्नी बताया गया है। यशवंत तिवारी को रिश्तेदार बताया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार, मोहित के खाते में 20 हजार 18 रुपए, रोहित के खाते में 20 हजार 819 रुपए, सोहित के खाते में 9 हजार 724 रुपए, सुमन के खाते में 21 हजार 750 रुपए और यशवंत तिवारी के खाते में 22 हजार 891 रुपए जमा हुए।
राशि जमा करा दी है
सरकारी योजनाओं के कार्य करवाना जरूरी है। श्रमिक आसानी से नहीं मिलते, ऐसे में किसी को भी कार्य में लगाया जा सकता है। परिजनों के नाम पर बताई जा रही राशि सरकारी खाते में जमा करा दी है। ग्रामीणों ने भी अधिकारियों को लिखकर दिया है कि वे आगे जांच नहीं चाहते।
-हितेश शर्मा, वीडीओ, सोंखर, कठूमर

