अर्णव चक्रवात के बाद सीधी जिले में धान की फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने राजस्व विभाग से खेतों का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। 29, 30 और 31 अक्टूबर को जिले में भारी बारिश हुई। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरने से धान की फसल खराब हुई है। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी मदद मांगी है। सोनवर्षा के किसान रेवती रमण द्विवेदी ने बताया कि फसल काटने की तैयारी चल रही थी, तभी मौसम बदल गया। उनके मुताबिक, फसल को हुए नुकसान से उनकी पूंजी डूब गई है। किसानों ने रविवार को सर्वे के लिए एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को जानकारी दी। सोनबरसा गांव के अमर द्विवेदी ने बताया कि हटवा, पहाड़ी और सोनवर्षा समेत 50 से ज्यादा गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है। उनके अनुसार, इलाके में 7,000 हेक्टेयर से ज्यादा में लगी धान की फसल खराब हुई है। किसानों ने इस बारे में एसडीएम सिहावल राकेश शुक्ला से शिकायत की। उन्होंने तुरंत सर्वे कराने की बात कही है। कुछ फसलों को नुकसान कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि इस साल जिले में 1,20,700 हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में धान बोया गया है। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान से कुछ फसलों को नुकसान हुआ है, लेकिन अभी भी फसल पकने की उम्मीद है।

