अररिया लोक अदालत में ट्रैफिक चालान पर 50% छूट:190 चालानों का निपटारा हुआ, 6.10 लाख रुपए जमा किए गए

अररिया लोक अदालत में ट्रैफिक चालान पर 50% छूट:190 चालानों का निपटारा हुआ, 6.10 लाख रुपए जमा किए गए

व्यवहार न्यायालय परिसर, अररिया में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इसमें लंबित ट्रैफिक और परिवहन चालानों के निपटारे के लिए बड़ी संख्या में वाहन मालिक पहुंचे। बिहार सरकार की ‘एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026’ के तहत यह खास अभियान चलाया गया। 90 दिनों से ज्यादा पुराने चालानों पर शमन राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई। इस छूट के कारण वाहन मालिकों ने इसमें काफी दिलचस्पी दिखाई। सुबह से ही लोग अपने पुराने ई-चालानों को निपटाने के लिए परिसर में आते-जाते रहे। अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश लोक अदालत परिसर में चालान सत्यापन, निपटान, भुगतान और तकनीकी सहायता के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे। ऑनलाइन और यूपीआई भुगतान की सुविधा से लोगों को आसानी हुई। खबर लिखे जाने तक करीब 190 चालानों का निपटारा हो चुका था और लगभग 6 लाख 10 हजार रुपये की शमन राशि जमा हो गई थी। अधिकारियों ने बताया कि शाम तक यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना थी। अररिया के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने काउंटरों पर जाकर प्रक्रिया और सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को जल्दी और आसानी से न्याय दिलाने का एक प्रभावी तरीका है। जागरूकता अभियान का अच्छा असर जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर जिला परिवहन कार्यालय ने पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित रखा। जिला प्रशासन, परिवहन कार्यालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तालमेल से पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, सहायता डेस्क और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि लोक अदालत से पहले लंबित चालान वाले वाहन मालिकों को एसएमएस और आईवीआर कॉलिंग के जरिए सूचना दी गई थी। इस जागरूकता अभियान का अच्छा असर देखने को मिला। लंबित चालानों का समय पर निपटारा करने की अपील यातायात पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि इस योजना का मकसद पुराने चालानों में राहत देकर उनका जल्दी निपटारा करना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। जिला प्रशासन ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने लंबित चालानों का समय पर निपटारा कराएं और भविष्य में नियमों का पालन करके सुरक्षित यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। व्यवहार न्यायालय परिसर, अररिया में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इसमें लंबित ट्रैफिक और परिवहन चालानों के निपटारे के लिए बड़ी संख्या में वाहन मालिक पहुंचे। बिहार सरकार की ‘एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026’ के तहत यह खास अभियान चलाया गया। 90 दिनों से ज्यादा पुराने चालानों पर शमन राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई। इस छूट के कारण वाहन मालिकों ने इसमें काफी दिलचस्पी दिखाई। सुबह से ही लोग अपने पुराने ई-चालानों को निपटाने के लिए परिसर में आते-जाते रहे। अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश लोक अदालत परिसर में चालान सत्यापन, निपटान, भुगतान और तकनीकी सहायता के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे। ऑनलाइन और यूपीआई भुगतान की सुविधा से लोगों को आसानी हुई। खबर लिखे जाने तक करीब 190 चालानों का निपटारा हो चुका था और लगभग 6 लाख 10 हजार रुपये की शमन राशि जमा हो गई थी। अधिकारियों ने बताया कि शाम तक यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना थी। अररिया के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने काउंटरों पर जाकर प्रक्रिया और सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को जल्दी और आसानी से न्याय दिलाने का एक प्रभावी तरीका है। जागरूकता अभियान का अच्छा असर जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर जिला परिवहन कार्यालय ने पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित रखा। जिला प्रशासन, परिवहन कार्यालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तालमेल से पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, सहायता डेस्क और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि लोक अदालत से पहले लंबित चालान वाले वाहन मालिकों को एसएमएस और आईवीआर कॉलिंग के जरिए सूचना दी गई थी। इस जागरूकता अभियान का अच्छा असर देखने को मिला। लंबित चालानों का समय पर निपटारा करने की अपील यातायात पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि इस योजना का मकसद पुराने चालानों में राहत देकर उनका जल्दी निपटारा करना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। जिला प्रशासन ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने लंबित चालानों का समय पर निपटारा कराएं और भविष्य में नियमों का पालन करके सुरक्षित यातायात व्यवस्था में सहयोग करें।  

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