अररिया के गैयारी पंचायत में रविवार को जीविका दीदी आशकारा बेगम द्वारा संचालित जीविका सुधा बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया गया। जिला पदाधिकारी अररिया विनोद दूहन ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को ऋण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला पदाधिकारी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से महिलाओं को नया व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिल रही है। स्थानीय स्तर पर उत्पादों को मिलेगा प्रोत्साहन जीविका सुधा बिक्री केंद्र खुलने से स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहन मिलेगा और महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। जिला प्रबंधक जीविका, अररिया ने बताया कि आशकारा बेगम वर्ष 2019 में सीआरपी दीदी के माध्यम से जीविका के स्वयं सहायता समूह ‘एहसान’ से जुड़ी थीं। बचत, ऋण तथा वित्तीय प्रबंधन की जानकारी ली जीविका से जुड़ने के बाद उन्होंने समूह की गतिविधियों में नियमित रूप से भाग लिया और बचत, ऋण तथा वित्तीय प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। आशकारा बेगम का ग्राम संगठन ‘मौसम’ और संकुल संघ ‘दीप जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड’ है। उन्होंने जीविका से प्राप्त ऋण का उपयोग अपने व्यवसाय को बढ़ाने में किया। उनके व्यवसाय के संचालन, मेहनत और निरंतर प्रगति को देखते हुए उन्हें जीविका सुधा बिक्री केंद्र के संचालन के लिए चुना गया है। स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ना महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ऐसे केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद मिलेगी। उद्घाटन कार्यक्रम में जिला गव्य विकास पदाधिकारी अररिया, जिला प्रबंधक जीविका अररिया, कम्फेड के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अररिया के गैयारी पंचायत में रविवार को जीविका दीदी आशकारा बेगम द्वारा संचालित जीविका सुधा बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया गया। जिला पदाधिकारी अररिया विनोद दूहन ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को ऋण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला पदाधिकारी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से महिलाओं को नया व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिल रही है। स्थानीय स्तर पर उत्पादों को मिलेगा प्रोत्साहन जीविका सुधा बिक्री केंद्र खुलने से स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहन मिलेगा और महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। जिला प्रबंधक जीविका, अररिया ने बताया कि आशकारा बेगम वर्ष 2019 में सीआरपी दीदी के माध्यम से जीविका के स्वयं सहायता समूह ‘एहसान’ से जुड़ी थीं। बचत, ऋण तथा वित्तीय प्रबंधन की जानकारी ली जीविका से जुड़ने के बाद उन्होंने समूह की गतिविधियों में नियमित रूप से भाग लिया और बचत, ऋण तथा वित्तीय प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। आशकारा बेगम का ग्राम संगठन ‘मौसम’ और संकुल संघ ‘दीप जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड’ है। उन्होंने जीविका से प्राप्त ऋण का उपयोग अपने व्यवसाय को बढ़ाने में किया। उनके व्यवसाय के संचालन, मेहनत और निरंतर प्रगति को देखते हुए उन्हें जीविका सुधा बिक्री केंद्र के संचालन के लिए चुना गया है। स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ना महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ऐसे केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद मिलेगी। उद्घाटन कार्यक्रम में जिला गव्य विकास पदाधिकारी अररिया, जिला प्रबंधक जीविका अररिया, कम्फेड के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

