राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, अररिया में अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2026-27 को लेकर छात्राओं के लिए एक विशेष जागरूकता वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष ₹30,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली इस छात्रवृत्ति योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देना था। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को छात्रवृत्ति की पात्रता मानदंड, ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन जमा करने की निर्धारित समय-सीमा के बारे में विस्तार से बताया गया। यह छात्रवृत्ति विशेष रूप से उन पात्र छात्राओं के लिए है जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेंगी। सावधानीपूर्वक अपलोड करने की सलाह दी गई
इस स्कॉलरशिप का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें वित्तीय सहयोग प्रदान करना है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी योग्य छात्रा आर्थिक बाधाओं के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। वेबिनार में छात्राओं को ऑनलाइन आवेदन करते समय सभी जानकारी सही ढंग से भरने और मांगे गए दस्तावेजों को सावधानीपूर्वक अपलोड करने की सलाह दी गई। उन्हें आवेदन की अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखने के लिए भी प्रेरित किया गया, ताकि कोई भी पात्र छात्रा इस अवसर से वंचित न रहे। आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने छात्राओं को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता उच्च शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और योग्य छात्राओं को समय पर आवेदन कर इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। वेबिनार में प्रथम वर्ष प्रभारी डॉ. टिंकू अली, रसायन विज्ञान के प्राध्यापक प्रो. अरुण कुमार और अंग्रेजी के प्राध्यापक प्रो. प्रमेन्द्र मिश्रा भी उपस्थित थे। सभी ने छात्राओं को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और सरकारी तथा गैर-सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं सहित उपलब्ध सभी शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र छात्राओं तक अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप की जानकारी पहुंचाना और उन्हें आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना था। कॉलेज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं के शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, अररिया में अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2026-27 को लेकर छात्राओं के लिए एक विशेष जागरूकता वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष ₹30,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली इस छात्रवृत्ति योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देना था। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को छात्रवृत्ति की पात्रता मानदंड, ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन जमा करने की निर्धारित समय-सीमा के बारे में विस्तार से बताया गया। यह छात्रवृत्ति विशेष रूप से उन पात्र छात्राओं के लिए है जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेंगी। सावधानीपूर्वक अपलोड करने की सलाह दी गई
इस स्कॉलरशिप का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें वित्तीय सहयोग प्रदान करना है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी योग्य छात्रा आर्थिक बाधाओं के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। वेबिनार में छात्राओं को ऑनलाइन आवेदन करते समय सभी जानकारी सही ढंग से भरने और मांगे गए दस्तावेजों को सावधानीपूर्वक अपलोड करने की सलाह दी गई। उन्हें आवेदन की अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखने के लिए भी प्रेरित किया गया, ताकि कोई भी पात्र छात्रा इस अवसर से वंचित न रहे। आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने छात्राओं को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता उच्च शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और योग्य छात्राओं को समय पर आवेदन कर इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। वेबिनार में प्रथम वर्ष प्रभारी डॉ. टिंकू अली, रसायन विज्ञान के प्राध्यापक प्रो. अरुण कुमार और अंग्रेजी के प्राध्यापक प्रो. प्रमेन्द्र मिश्रा भी उपस्थित थे। सभी ने छात्राओं को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और सरकारी तथा गैर-सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं सहित उपलब्ध सभी शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र छात्राओं तक अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप की जानकारी पहुंचाना और उन्हें आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना था। कॉलेज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं के शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।


