अररिया शहर के मुख्य और आसपास के बाजारों में पिछले 15 दिनों से रोजमर्रा की खाद्य सामग्री की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। खाद्य पदार्थों के दामों में अचानक हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर अब आम लोगों के घरेलू बजट और रसोई के खर्च पर पड़ने लगा है। सीमित आय वाले परिवारों के लिए बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बन गई हैं। विशेषकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गृहिणियों के अनुसार, रसोई का मासिक खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… जानें, बाजार भाव के बारे में… खाद्य सामग्री की मात्रा में कटौती करनी पड़ रही बाजार में खरीदारी करने पहुंचे उपभोक्ताओं ने बताया कि कुछ दिन पहले तक जो सामान सामान्य कीमतों पर उपलब्ध थे, अब उन्हीं के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। कई परिवारों को अपनी जरूरत के अनुसार खाद्य सामग्री की मात्रा में कटौती करनी पड़ रही है ताकि वे अपने बजट को संतुलित रख सकें। चावल, दालों और सरसों तेल के भी बढ़े दाम स्थानीय किराना दुकानदार संजय साह और आसिफ इकबाल ने जानकारी दी कि पिछले 15 दिनों में चीनी की कीमत में लगभग 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि यह वृद्धि केवल चीनी तक सीमित नहीं है, बल्कि चावल, विभिन्न प्रकार की दालों और सरसों तेल जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई अन्य खाद्य सामग्री के दाम भी एक से पांच रुपये तक बढ़े हैं। दुकानदार बोले- खुदरा कीमतों में भी बढ़ोतरी दुकानदारों का कहना है कि थोक बाजार से महंगे दाम पर सामान मिलने के कारण खुदरा कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, स्थानीय सब्जी दुकानदार राजकुमार साहू और पप्पू कुमार गुप्ता के अनुसार, पिछले 15 दिनों में प्याज के दाम में करीब 20 से 25 रुपये तक की वृद्धि हुई है। लहसुन की कीमत में भी 10 से 12 रुपये तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। हरी सब्जियों के बाजार में भी कीमतें आम लोगों की जेब पर असर डाल रही हैं। परवल 60, फूलगोभी 100 व बैंगन 60 रुपये प्रति किलो वर्तमान में परवल करीब 60 रुपये प्रति किलो, करेला 50 रुपये प्रति किलो, फूलगोभी 100 रुपये प्रति किलो और बैंगन करीब 60 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है। बाजार में खरीदारी करने वाले लोगों का कहना है कि सब्जियों और किराना सामानों के लगातार बढ़ते दामों के कारण महीने के अंत तक घरेलू बजट संभालना मुश्किल हो रहा है। खाद्य सामग्री के दाम में लगातार हो रही वृद्धि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमत बढ़ने से लोगों को अन्य जरूरी खर्चों में भी कटौती करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, खाद्य सामग्री के दाम में लगातार हो रही वृद्धि का असर बाजार की खरीदारी पर भी पड़ रहा है। पहले जहां लोग जरूरत के साथ कुछ अतिरिक्त सामान भी खरीद लेते थे, वहीं अब कीमतों में वृद्धि के कारण खरीदारी जरूरत तक सीमित होती जा रही है। महंगाई की इस स्थिति ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है और लोग खाद्य पदार्थों की कीमतों में जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं। अररिया शहर के मुख्य और आसपास के बाजारों में पिछले 15 दिनों से रोजमर्रा की खाद्य सामग्री की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। खाद्य पदार्थों के दामों में अचानक हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर अब आम लोगों के घरेलू बजट और रसोई के खर्च पर पड़ने लगा है। सीमित आय वाले परिवारों के लिए बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बन गई हैं। विशेषकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गृहिणियों के अनुसार, रसोई का मासिक खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… जानें, बाजार भाव के बारे में… खाद्य सामग्री की मात्रा में कटौती करनी पड़ रही बाजार में खरीदारी करने पहुंचे उपभोक्ताओं ने बताया कि कुछ दिन पहले तक जो सामान सामान्य कीमतों पर उपलब्ध थे, अब उन्हीं के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। कई परिवारों को अपनी जरूरत के अनुसार खाद्य सामग्री की मात्रा में कटौती करनी पड़ रही है ताकि वे अपने बजट को संतुलित रख सकें। चावल, दालों और सरसों तेल के भी बढ़े दाम स्थानीय किराना दुकानदार संजय साह और आसिफ इकबाल ने जानकारी दी कि पिछले 15 दिनों में चीनी की कीमत में लगभग 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि यह वृद्धि केवल चीनी तक सीमित नहीं है, बल्कि चावल, विभिन्न प्रकार की दालों और सरसों तेल जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई अन्य खाद्य सामग्री के दाम भी एक से पांच रुपये तक बढ़े हैं। दुकानदार बोले- खुदरा कीमतों में भी बढ़ोतरी दुकानदारों का कहना है कि थोक बाजार से महंगे दाम पर सामान मिलने के कारण खुदरा कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, स्थानीय सब्जी दुकानदार राजकुमार साहू और पप्पू कुमार गुप्ता के अनुसार, पिछले 15 दिनों में प्याज के दाम में करीब 20 से 25 रुपये तक की वृद्धि हुई है। लहसुन की कीमत में भी 10 से 12 रुपये तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। हरी सब्जियों के बाजार में भी कीमतें आम लोगों की जेब पर असर डाल रही हैं। परवल 60, फूलगोभी 100 व बैंगन 60 रुपये प्रति किलो वर्तमान में परवल करीब 60 रुपये प्रति किलो, करेला 50 रुपये प्रति किलो, फूलगोभी 100 रुपये प्रति किलो और बैंगन करीब 60 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है। बाजार में खरीदारी करने वाले लोगों का कहना है कि सब्जियों और किराना सामानों के लगातार बढ़ते दामों के कारण महीने के अंत तक घरेलू बजट संभालना मुश्किल हो रहा है। खाद्य सामग्री के दाम में लगातार हो रही वृद्धि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमत बढ़ने से लोगों को अन्य जरूरी खर्चों में भी कटौती करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, खाद्य सामग्री के दाम में लगातार हो रही वृद्धि का असर बाजार की खरीदारी पर भी पड़ रहा है। पहले जहां लोग जरूरत के साथ कुछ अतिरिक्त सामान भी खरीद लेते थे, वहीं अब कीमतों में वृद्धि के कारण खरीदारी जरूरत तक सीमित होती जा रही है। महंगाई की इस स्थिति ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है और लोग खाद्य पदार्थों की कीमतों में जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।

