अयोध्या में कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण लोग उमस और तेज धूप से परेशान थे। किसानों ने भी मानसून की विदाई मानकर धान की फसल की सिंचाई शुरू कर दी थी। अब मौसम ने फिर करवट ली है। बीती रात से मौसम में बदलाव के साथ बारिश के आसार बढ़ गए हैं। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग ने 24 सितंबर की रात से पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश शुरू होने का अनुमान जताया है। वहीं, 25, 27 और 28 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवा के साथ मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम बदलने का मुख्य कारण मानसून की सक्रियता और बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र है। इसके असर से इलाके में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटे में डिप्रेशन और इसके बाद उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। इसका असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में ज्यादा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 25 से 28 सितंबर के बीच कई जगहों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। विभाग ने किसानों को सावधान रहने की सलाह दी है। तेज हवा और बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। खासकर धान सहित दूसरी फसलों में पानी भरने और तेज हवा से फसल गिरने की स्थिति बन सकती है। कई दिनों से बारिश नहीं होने और तेज धूप निकलने के कारण लोगों को लग रहा था कि मानसून चला गया है। धान की फसल के लिए पर्याप्त बारिश नहीं मिलने पर किसानों ने सिंचाई शुरू कर दी थी। हालांकि, मौसम विभाग के नए अनुमान से एक बार फिर बारिश की उम्मीद जगी है। विभाग ने किसानों को मौसम पर नजर रखने और बारिश व तेज हवा के दौरान खेतों में बेवजह की गतिविधियों से बचने की सलाह दी है।

