अमेठी में शनिवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद-अमेठी ने प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत B.Ed. योग्यताधारी शिक्षकों के लिए निर्धारित 6 माह के ब्रिज कोर्स को लेकर शासन से महत्वपूर्ण मांग की है। संगठन के जिला अध्यक्ष विवेक शुक्ल ने बेसिक शिक्षा मंत्री को संबोधित पत्र जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अमेठी के माध्यम से प्रेषित किया है। महासंघ ने कहा कि प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में लगभग छह वर्षों से B.Ed. डिग्रीधारी शिक्षक पूरी निष्ठा से सेवा दे रहे हैं। इनकी नियुक्ति शासन की विधिक प्रक्रिया के तहत हुई थी। नियुक्ति के उपरांत इन शिक्षकों ने विभाग द्वारा आयोजित FLN, निपुण भारत, जीवन कौशल और कर्मयोगी जैसे सभी प्रशिक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा कर विद्यालयों में क्रियान्वयन किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि ब्रिज कोर्स को सेवा समाप्ति जैसी कठोर शर्त से जोड़ने और 50 प्रतिशत अंकों के साथ क्वालीफाई करने की अनिवार्यता से शिक्षकों में मानसिक दबाव और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2018 की सहायक अध्यापक भर्ती के विज्ञापन में ऐसी किसी पासिंग मार्क्स आधारित सेवा समाप्ति की शर्त का उल्लेख नहीं था, बल्कि केवल सेवाकालीन प्रशिक्षण पूर्ण करने की बात कही गई थी। महासंघ ने मांग की है कि छह वर्षों के व्यावहारिक अनुभव और विभागीय प्रशिक्षणों को मान्यता देते हुए ब्रिज कोर्स को क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के रूप में विभागीय स्तर पर पूर्ण कराया जाए, न कि एलिमिनेशन परीक्षा के रूप में। संगठन ने महिला शिक्षिकाओं के हित का मुद्दा भी उठाया है। गाइडलाइंस में मातृत्व अवकाश और विशेष परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिससे महिला शिक्षिकाओं में चिंता बनी हुई है। महासंघ ने उनके लिए स्पष्ट और व्यावहारिक व्यवस्था की मांग की है। प्रमुख मांगें 50 प्रतिशत पासिंग मार्क्स की बाध्यता समाप्त हो, ब्रिज कोर्स को सेवा समाप्ति से न जोड़ा जाए, पूर्व प्रशिक्षणों और अनुभव को मान्यता मिले, महिला शिक्षिकाओं के लिए स्पष्ट प्रावधान हो और शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य के लिए न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए।

