अब फूलों की बढ़ेगी मांग, करोड़ों के कारोबार की उम्मीद:नवरात्र में कोलकाता से झारखंड पहुंचेंगे फूल, कल से नवमी तक बढ़ सकते हैं दाम

अब फूलों की बढ़ेगी मांग, करोड़ों के कारोबार की उम्मीद:नवरात्र में कोलकाता से झारखंड पहुंचेंगे फूल, कल से नवमी तक बढ़ सकते हैं दाम

झारखंड में शारदीय नवरात्र की तैयारियां तेज हैं। अड़हुल, अपराजिता, कमल और गेंदे की मांग बढ़ गई है। नवरात्र में फूल कारोबारी कोलकाता और बेंगलुरु से फूल मंगा रहे हैं। फूल कारोबारियों के अनुसार नवरात्र के पहले दिन से नवमी तक फूलों की अच्छी डिमांड रहती है। शनिवार रात ट्रेन और निजी गाड़ियों से करीब 50 लाख फूल धनबाद में उतरेंगे। अभी शहर में रोज 5 लाख फूलों की खपत होती है। नवरात्र में यह 10 गुना बढ़ जाएगी। इस दौरान धनबाद में 1.25 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। रेलवे स्टेशन रोड के थोक फूल व्यापारी शशि मालाकार बताते हैं कि आमतौर पर रोज 5 लाख फूल आते हैं। नवरात्र में अड़हुल, गेंदा, अपराजिता और कमल की आवक रोज 50 लाख तक पहुंच जाएगी। अष्टमी और नवमी तिथि को 60 लाख से अधिक खपत रह सकती है। धनबाद में 200 से अधिक फूल दुकानें हैं। रोज करीब 4 लाख रुपए का करोबार है। प्रतिपदा से सप्तमी तक 12 लाख का कारोबार रोज होने की उम्मीद है। अष्टमी व नवमी को यह 15 से 20 लाख रुपए तक जा सकता है। अष्टमी तक ट्रेन के अलावा रोज एक लॉरी फूल आएंगे। सप्तमी, अष्टमी और नवमी को चार लॉरी फूल आएंगे। बोकारो में रोज आएंगे 40 लाख फूल
बोकारो में पूजा, पंडालों, मंदिरों और घरों में सजावट के लिए फूलों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। लाल अड़हुल, गेंदा, अपराजिता और कमल जैसे फूलों से मां का शृंगार किया जाएगा। इसे देखते हुए बोकारो के फूल कारोबारी कोलकाता के जगन्नाथ घाट स्थित फूल मंडी से आपूर्ति की तैयारी में जुट गए हैं। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक, नवरात्र में शहर में रोजाना करीब 40 लाख फूलों की खपत हो सकती है। वहीं, पूरे नवरात्र में करीब 1.5 करोड़ रुपए के कारोबार की उम्मीद है। नया मोड़ के थोक फूल विक्रेता बबलू मालाकार के अनुसार, सामान्य दिनों में बोकारो में रोज करीब दो लाख फूलों की खपत होती है। नवरात्र में यह बढ़कर 40 लाख तक पहुंच सकती है। प्रतिपदा से सप्तमी तक रोजाना करीब 10 लाख रुपए के कारोबार का अनुमान है। अष्टमी और नवमी को मांग सबसे अधिक रहेगी। इन दो दिनों में कारोबार 10 से 18 लाख रुपए तक पहुंच सकता है। फूलों की कीमतों में भी हो सकती है बढ़ोतरी मांग बढ़ने के साथ फूलों की कीमतों में भी उछाल आने के आसार हैं। कारोबारियों के अनुमान के अनुसार, सामान्य दिनों में दो अड़हुल करीब पांच रुपए में मिलते हैं, जिनकी कीमत नवरात्र में बढ़ सकती है। अपराजिता, गेंदा माला और कमल की मांग भी बढ़ेगी। सामान्य दिनों में 35 रुपए की मिलने वाली गेंदा माला अष्टमी-नवमी को 50 से 60 रुपए तक बिक सकती है। कमल का फूल भी 50 से 60 रुपए तक पहुंच सकता है। अड़हुल का फूल चढ़ाने की परंपरा
वहीं, गिरिडीह में भी नवरात्र में अड़हुल, गेंदा, अपराजिता और कमल के फूलों की विशेष मांग रहती है। मां दुर्गा की पूजा में अड़हुल का फूल चढ़ाने की परंपरा है। वहीं मंदिरों और पूजा पंडालों को सजाने के लिए गेंदे की मालाओं का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा अपराजिता और कमल के फूलों की भी अच्छी मांग रहती है। पूजा के लिए घरों में भी फूलों की खरीदारी बढ़ने से स्थानीय बाजारों में कारोबार तेज होने की उम्मीद है। नवरात्र में मांग बढ़ने के साथ फूलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। कारोबारियों के अनुसार, आम दिनों में करीब एक रुपए में मिलने वाला अड़हुल का फूल कलश स्थापना के दिन दो रुपए तक बिक सकता है। वहीं, सप्तमी के बाद इसकी कीमत तीन रुपए प्रति फूल तक पहुंचने का अनुमान है। इसी तरह, आम दिनों में 15 से 20 रुपए में मिलने वाली गेंदे की माला कलश स्थापना के दौरान 25 से 30 रुपए और सप्तमी के बाद 35 से 40 रुपए तक बिक सकती है। कमल की कीमत 25 से 30 रुपए प्रति पीस रहने का अनुमान
अपराजिता के फूलों की कीमत भी नवरात्र में बढ़ने की संभावना है। आम दिनों में करीब 40 रुपए में मिलने वाला अपराजिता फूल नवरात्र के दौरान 50 से 70 रुपए तक बिक सकता है। वहीं, कमल के फूल की कीमत 25 से 30 रुपए प्रति पीस रहने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक कीमत फूलों की आवक, गुणवत्ता और बाजार में मांग के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। फूल विक्रेता मनोज चंद्रवंशी ने बताया कि भारी बारिश के कारण भी फूलों के दाम में बढ़ोतरी हुई है। नवरात्र में पूजा-पाठ और सजावट के लिए फूलों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। झारखंड के बाजारों में फूलों की आपूर्ति काफी हद तक पश्चिम बंगाल की मंडियों पर निर्भर रहती है। कोलकाता समेत बंगाल की विभिन्न मंडियों से फूल आने के बाद स्थानीय बाजारों में उनकी बिक्री होती है। नवरात्र के दौरान मंदिरों, पूजा पंडालों और घरों में सजावट के लिए बड़ी मात्रा में फूलों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में फूलों की आवक और मांग के बीच संतुलन के आधार पर कीमतें तय होंगी। कारोबारियों की नजर अब कलश स्थापना से लेकर सप्तमी तक बाजार में होने वाली बिक्री और फूलों के दाम पर टिकी है। कोडरमा में गेंदा फूल की खेती ना के बराबर होती है इधर, कोडरमा जिले की बात करें तो यहां नवरात्र शुरू होने के साथ ही फूलों के डिमांड में तीन से चार गुना बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वैसे तो आम दिनों में लोग अड़हुल, चंपा, चमेली, रजनीगंधा जैसे फूलों का इस्तेमाल पूजन विधि के लिए करते हैं। लेकिन दुर्गा पूजा में गेंदा फूल की मांग कुछ ज्यादा बढ़ जाती है। घर से लेकर मंदिर तक के सजावट में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले फूलों में गेंदा फूल सुमार है। अब चूंकि आसपास के इलाकों में गेंदा फूल की खेती ना के बराबर होती है। ऐसे में कोडरमा के माली पश्चिम बंगाल के कोलकाता से इस फूल की आपूर्ति करते हैं। मालाकार रमेश माली के अनुसार, आम दिनों में जहां 8 से 10 हजार फूलों की खपत जिले भर में होती है। वहीं पूजा के दौरान इसकी संख्या करीब 1 लाख के आसपास पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि यहां अधिकांश फूल पश्चिम बंगाल के कोलकाता से मंगवाया जाता है, जो ट्रेन के माध्यम से यहां पहुंचता है। रमेश माली की मानें तो रविवार की सुबह यहां 1 लाख के आसपास फूलों की खेप पहुंचने की उम्मीद है। झारखंड में शारदीय नवरात्र की तैयारियां तेज हैं। अड़हुल, अपराजिता, कमल और गेंदे की मांग बढ़ गई है। नवरात्र में फूल कारोबारी कोलकाता और बेंगलुरु से फूल मंगा रहे हैं। फूल कारोबारियों के अनुसार नवरात्र के पहले दिन से नवमी तक फूलों की अच्छी डिमांड रहती है। शनिवार रात ट्रेन और निजी गाड़ियों से करीब 50 लाख फूल धनबाद में उतरेंगे। अभी शहर में रोज 5 लाख फूलों की खपत होती है। नवरात्र में यह 10 गुना बढ़ जाएगी। इस दौरान धनबाद में 1.25 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। रेलवे स्टेशन रोड के थोक फूल व्यापारी शशि मालाकार बताते हैं कि आमतौर पर रोज 5 लाख फूल आते हैं। नवरात्र में अड़हुल, गेंदा, अपराजिता और कमल की आवक रोज 50 लाख तक पहुंच जाएगी। अष्टमी और नवमी तिथि को 60 लाख से अधिक खपत रह सकती है। धनबाद में 200 से अधिक फूल दुकानें हैं। रोज करीब 4 लाख रुपए का करोबार है। प्रतिपदा से सप्तमी तक 12 लाख का कारोबार रोज होने की उम्मीद है। अष्टमी व नवमी को यह 15 से 20 लाख रुपए तक जा सकता है। अष्टमी तक ट्रेन के अलावा रोज एक लॉरी फूल आएंगे। सप्तमी, अष्टमी और नवमी को चार लॉरी फूल आएंगे। बोकारो में रोज आएंगे 40 लाख फूल
बोकारो में पूजा, पंडालों, मंदिरों और घरों में सजावट के लिए फूलों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। लाल अड़हुल, गेंदा, अपराजिता और कमल जैसे फूलों से मां का शृंगार किया जाएगा। इसे देखते हुए बोकारो के फूल कारोबारी कोलकाता के जगन्नाथ घाट स्थित फूल मंडी से आपूर्ति की तैयारी में जुट गए हैं। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक, नवरात्र में शहर में रोजाना करीब 40 लाख फूलों की खपत हो सकती है। वहीं, पूरे नवरात्र में करीब 1.5 करोड़ रुपए के कारोबार की उम्मीद है। नया मोड़ के थोक फूल विक्रेता बबलू मालाकार के अनुसार, सामान्य दिनों में बोकारो में रोज करीब दो लाख फूलों की खपत होती है। नवरात्र में यह बढ़कर 40 लाख तक पहुंच सकती है। प्रतिपदा से सप्तमी तक रोजाना करीब 10 लाख रुपए के कारोबार का अनुमान है। अष्टमी और नवमी को मांग सबसे अधिक रहेगी। इन दो दिनों में कारोबार 10 से 18 लाख रुपए तक पहुंच सकता है। फूलों की कीमतों में भी हो सकती है बढ़ोतरी मांग बढ़ने के साथ फूलों की कीमतों में भी उछाल आने के आसार हैं। कारोबारियों के अनुमान के अनुसार, सामान्य दिनों में दो अड़हुल करीब पांच रुपए में मिलते हैं, जिनकी कीमत नवरात्र में बढ़ सकती है। अपराजिता, गेंदा माला और कमल की मांग भी बढ़ेगी। सामान्य दिनों में 35 रुपए की मिलने वाली गेंदा माला अष्टमी-नवमी को 50 से 60 रुपए तक बिक सकती है। कमल का फूल भी 50 से 60 रुपए तक पहुंच सकता है। अड़हुल का फूल चढ़ाने की परंपरा
वहीं, गिरिडीह में भी नवरात्र में अड़हुल, गेंदा, अपराजिता और कमल के फूलों की विशेष मांग रहती है। मां दुर्गा की पूजा में अड़हुल का फूल चढ़ाने की परंपरा है। वहीं मंदिरों और पूजा पंडालों को सजाने के लिए गेंदे की मालाओं का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा अपराजिता और कमल के फूलों की भी अच्छी मांग रहती है। पूजा के लिए घरों में भी फूलों की खरीदारी बढ़ने से स्थानीय बाजारों में कारोबार तेज होने की उम्मीद है। नवरात्र में मांग बढ़ने के साथ फूलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। कारोबारियों के अनुसार, आम दिनों में करीब एक रुपए में मिलने वाला अड़हुल का फूल कलश स्थापना के दिन दो रुपए तक बिक सकता है। वहीं, सप्तमी के बाद इसकी कीमत तीन रुपए प्रति फूल तक पहुंचने का अनुमान है। इसी तरह, आम दिनों में 15 से 20 रुपए में मिलने वाली गेंदे की माला कलश स्थापना के दौरान 25 से 30 रुपए और सप्तमी के बाद 35 से 40 रुपए तक बिक सकती है। कमल की कीमत 25 से 30 रुपए प्रति पीस रहने का अनुमान
अपराजिता के फूलों की कीमत भी नवरात्र में बढ़ने की संभावना है। आम दिनों में करीब 40 रुपए में मिलने वाला अपराजिता फूल नवरात्र के दौरान 50 से 70 रुपए तक बिक सकता है। वहीं, कमल के फूल की कीमत 25 से 30 रुपए प्रति पीस रहने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक कीमत फूलों की आवक, गुणवत्ता और बाजार में मांग के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। फूल विक्रेता मनोज चंद्रवंशी ने बताया कि भारी बारिश के कारण भी फूलों के दाम में बढ़ोतरी हुई है। नवरात्र में पूजा-पाठ और सजावट के लिए फूलों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। झारखंड के बाजारों में फूलों की आपूर्ति काफी हद तक पश्चिम बंगाल की मंडियों पर निर्भर रहती है। कोलकाता समेत बंगाल की विभिन्न मंडियों से फूल आने के बाद स्थानीय बाजारों में उनकी बिक्री होती है। नवरात्र के दौरान मंदिरों, पूजा पंडालों और घरों में सजावट के लिए बड़ी मात्रा में फूलों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में फूलों की आवक और मांग के बीच संतुलन के आधार पर कीमतें तय होंगी। कारोबारियों की नजर अब कलश स्थापना से लेकर सप्तमी तक बाजार में होने वाली बिक्री और फूलों के दाम पर टिकी है। कोडरमा में गेंदा फूल की खेती ना के बराबर होती है इधर, कोडरमा जिले की बात करें तो यहां नवरात्र शुरू होने के साथ ही फूलों के डिमांड में तीन से चार गुना बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वैसे तो आम दिनों में लोग अड़हुल, चंपा, चमेली, रजनीगंधा जैसे फूलों का इस्तेमाल पूजन विधि के लिए करते हैं। लेकिन दुर्गा पूजा में गेंदा फूल की मांग कुछ ज्यादा बढ़ जाती है। घर से लेकर मंदिर तक के सजावट में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले फूलों में गेंदा फूल सुमार है। अब चूंकि आसपास के इलाकों में गेंदा फूल की खेती ना के बराबर होती है। ऐसे में कोडरमा के माली पश्चिम बंगाल के कोलकाता से इस फूल की आपूर्ति करते हैं। मालाकार रमेश माली के अनुसार, आम दिनों में जहां 8 से 10 हजार फूलों की खपत जिले भर में होती है। वहीं पूजा के दौरान इसकी संख्या करीब 1 लाख के आसपास पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि यहां अधिकांश फूल पश्चिम बंगाल के कोलकाता से मंगवाया जाता है, जो ट्रेन के माध्यम से यहां पहुंचता है। रमेश माली की मानें तो रविवार की सुबह यहां 1 लाख के आसपास फूलों की खेप पहुंचने की उम्मीद है।  

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