अब कभी Asia Cup की ट्रॉफी देने नहीं आएंगे मोहसिन नकवी! पूरी तरह खत्म होने वाला है विवाद का जड़

अब कभी Asia Cup की ट्रॉफी देने नहीं आएंगे मोहसिन नकवी! पूरी तरह खत्म होने वाला है विवाद का जड़

Asia Cup Trophy Controversy: वूमेंस एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इससे पहले 2025 में मेंस टीम ने भी ऐसा ही किया था। अब सवाल है कि यह ट्रॉफी विवाद कब खत्म होगा और भारतीय टीम को दोनों एशिया कप ट्रॉफी कब मिलेंगी। 

Women’s Asia Cup Trophy Controversy: वूमेंस एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से साफ तौर पर इनकार कर दिया। इससे पहले, भारतीय मेंस टीम ने भी साल 2025 में खिताब जीतने के बाद मोहसिन के हाथों से ट्रॉफी नहीं ली थी। एशिया कप मेंस टीम का हो या वूमेंस टीम का, भारत में हर जगह दबदबा देखने को मिलता है। ऐसे में सवाल ये है कि ऐसा कब तक चलेगा कि टीम इंडिया खिताब जीते लेकिन ट्रॉफी न मिले?

खत्म हो जाएगा विवाद का जड़

एशिया कप 2025 से पहले मोहसिन नकवी 3 अप्रैल, 2025 को एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष बने थे। एसीसी के अध्यक्ष का कार्यकाल 2 साल का होता है, जिसे सर्वसम्मति से ही आगे बढ़ाया जा सकता है। नियमों के अनुसार, मोहसिन 3 अप्रैल, 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे। एशिया कप का आयोजन 2 साल में एक बार होता है और अगला मेंस एशिया कप जून 2027 में खेला जाना है। इसका मतलब यह है कि 2027 में होने वाले एशिया कप के दौरान मोहसिन एसीसी के अध्यक्ष पद पर नहीं रहेंगे। ऐसे में अगले एशिया कप में ट्रॉफी को लेकर विवाद खड़ा नहीं होगा।

नकवी के दोबारा ACC अध्यक्ष बनने की उम्मीद नहीं

मोहसिन नकवी से पहले एसीसी अध्यक्ष का पद जय शाह ने 2021 से लेकर 2025 तक संभाला था और उन्हें सर्वसम्मति से दोबारा अध्यक्ष चुना गया था। मोहसिन नकवी के बर्ताव को देखते हुए उनके दोबारा अध्यक्ष पद पर चुने जाने की उम्मीद बेहद कम है। माना जा रहा है कि एसीसी का अगला अध्यक्ष अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का होगा, जिनका कार्यकाल 2029 तक चलेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहसिन नकवी के पद से हटने के बाद भारतीय टीम को अपनी दोनों एशिया कप ट्रॉफी भी मिल सकती हैं।

वूमें एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम समापन समारोह में शामिल नहीं हुई। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भारत के चैंपियन बनने के बाद खिलाड़ियों से मिलते दिखाई दिए थे। देवजीत सैकिया ने बताया कि अप्रैल में पहलगाम में हुई घटना के बाद से भारत के रिश्ते और ज्यादा बिगड़ गए हैं और टीम ऐसे इंसान से ट्रॉफी नहीं ले सकती, जो भारत के खिलाफ काम कर रहा हो। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई की ओर से ट्रॉफी विवाद को सुलझाने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन यह प्रयास पूरी तरह से नाकाम रहा।

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