दुलारचंद हत्याकांड में अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने 1 दिसंबर को सरेंडर करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद अनंत सिंह मीडिया के सामने आए। अनंत सिंह ने कहा, ‘कोर्ट के आदेश का पालन करूंगा। मैं एक दिसंबर को सरेंडर कर दूंगा। मुझे भरोसा है मुझे न्याय मिलेगा। नीरज ने ही सारे केस करवाए हैं। नीरज कुमार ने जो कहा वही सरकार ने किया। पार्टी ने भी वही किया। नीतीश जी रहते तो कभी ऐसा नहीं होता। नीतीश कुमार के गड़बड़ाने के बाद ये सब हुआ।’
बोले- बेटा नहीं, अगले चुनाव में मोकामा से मैं ही लड़ूंगा अनंत सिंह ने कहा, ’मेरा साथ खेला होगा तो मैं संन्यास नहीं लूंगा। मैं आगे भी मोकामा से चुनाव लडूंगा। मेरा साथ जिसने जुल्म किया है उसे भगवान देखेगा।’ जब अनंत सिंह से पूछा गया कि क्या अब उनके बेटे मोकामा से चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने कहा कि यह सब खेल चलता रहेगा तो आगे भी मोकामा से हम ही चुनाव लड़ेंगे। पहले उनकी इच्छा थी कि बेटा चुनाव लड़े, लेकिन अब इस पर बाद में फैसला होगा। बता दें कि इससे पहले अनंत सिंह ने राजनीति से संन्यास लेने और अपने बेटे को मोकामा से चुनाव लड़ाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अब बेटा राजनीति में आएगा। अनंत बोले- नीरज कुमार के कारण अनुज सिंह का किया था समर्थन अनंत सिंह ने अनुज सिंह को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका अनुज सिंह से कोई रिश्ता नहीं था। उन्होंने सिर्फ नीरज कुमार का विरोध करने के लिए अनुज सिंह का समर्थन किया था। ’नीतीश कुमार की सेहत ठीक होती तो ऐसा नहीं होता’ अनंत सिंह ने जदयू और सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी में जब तक नीतीश कुमार की स्थिति ठीक थी, तब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। अब उनकी सेहत ठीक नहीं चल रही है, इसलिए पार्टी की स्थिति बदल गई है। ललन सिंह से मिलने के सवाल पर बोले- अब किसी से नहीं मिलना जब उनसे पूछा गया कि नीरज कुमार अब ललन सिंह का भी विरोध कर रहे हैं, तो अनंत सिंह ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या वे इस मामले में ललन सिंह से मिलेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि अब उन्हें किसी से नहीं मिलना है। उन्होंने दोहराया कि वे 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे और उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। अनंत सिंह दुलारचंद हत्याकांड के बारे में भी बताया अनंत सिंह ने कहा कि मुझे याद है। मोकामा चुनाव के दौरान मैं प्रचार करके लौट रहा था। मेरी गाड़ी जब 5 KM आगे बढ़ गई तो मुझे बताया गया कि लड़ाई हो गई है। जहां लड़ाई-झगड़ा हुआ था वहां से मैं 5 KM दूर था। नीरज ने दुलारचंद की हत्या करवा दी और मुझे फंसाया जा रहा है। अनंत सिंह से जब पत्रकारों ने पूछा कि नीरज कुमार ने कहा है कि वो ललन सिंह से आशीर्वाद लेने नहीं जाएंगे। इस पर अनंत सिंह ने कहा कि इस पर मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है। नीरज जी जिसे जिसे आशीर्वाद देंगे वही जिंदा रहेगा बिहार में। अब जानिए अनंत सिंह के वकील ने क्या कहा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अनंत सिंह के वकील कुमार हर्ष वर्धन ने कहा कि अनंत सिंह की बेटी की शादी है। इसीलिए शादी बाद 1 दिसंबर को कोर्ट में सरेंडर करेंगे। उनके वकील कुमार हर्षवर्धन ने बताया कि क्रिमिनल इंसिडेंट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बेल रिजेक्ट की है। निचली अदालत में हाजिर होंगे। उसके बाद दोबारा से हमलोग बेल फाइल करेंगे। अब जानिए दुलारचंद मर्डर केस के बारे में 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह जदयू के टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़ रहे थे। वहीं, जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में दुलारचंद यादव प्रचार कर रहे थे। 30 अक्टूबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों के काफिले आमने-सामने आ गए थे। इसी दौरान हुई हिंसा में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि, जेल में रहते हुए भी उन्होंने चुनाव जीत लिया था। मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आ गए थे। दुलारचंद हत्याकांड में अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने 1 दिसंबर को सरेंडर करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद अनंत सिंह मीडिया के सामने आए। अनंत सिंह ने कहा, ‘कोर्ट के आदेश का पालन करूंगा। मैं एक दिसंबर को सरेंडर कर दूंगा। मुझे भरोसा है मुझे न्याय मिलेगा। नीरज ने ही सारे केस करवाए हैं। नीरज कुमार ने जो कहा वही सरकार ने किया। पार्टी ने भी वही किया। नीतीश जी रहते तो कभी ऐसा नहीं होता। नीतीश कुमार के गड़बड़ाने के बाद ये सब हुआ।’
बोले- बेटा नहीं, अगले चुनाव में मोकामा से मैं ही लड़ूंगा अनंत सिंह ने कहा, ’मेरा साथ खेला होगा तो मैं संन्यास नहीं लूंगा। मैं आगे भी मोकामा से चुनाव लडूंगा। मेरा साथ जिसने जुल्म किया है उसे भगवान देखेगा।’ जब अनंत सिंह से पूछा गया कि क्या अब उनके बेटे मोकामा से चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने कहा कि यह सब खेल चलता रहेगा तो आगे भी मोकामा से हम ही चुनाव लड़ेंगे। पहले उनकी इच्छा थी कि बेटा चुनाव लड़े, लेकिन अब इस पर बाद में फैसला होगा। बता दें कि इससे पहले अनंत सिंह ने राजनीति से संन्यास लेने और अपने बेटे को मोकामा से चुनाव लड़ाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अब बेटा राजनीति में आएगा। अनंत बोले- नीरज कुमार के कारण अनुज सिंह का किया था समर्थन अनंत सिंह ने अनुज सिंह को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका अनुज सिंह से कोई रिश्ता नहीं था। उन्होंने सिर्फ नीरज कुमार का विरोध करने के लिए अनुज सिंह का समर्थन किया था। ’नीतीश कुमार की सेहत ठीक होती तो ऐसा नहीं होता’ अनंत सिंह ने जदयू और सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी में जब तक नीतीश कुमार की स्थिति ठीक थी, तब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। अब उनकी सेहत ठीक नहीं चल रही है, इसलिए पार्टी की स्थिति बदल गई है। ललन सिंह से मिलने के सवाल पर बोले- अब किसी से नहीं मिलना जब उनसे पूछा गया कि नीरज कुमार अब ललन सिंह का भी विरोध कर रहे हैं, तो अनंत सिंह ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या वे इस मामले में ललन सिंह से मिलेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि अब उन्हें किसी से नहीं मिलना है। उन्होंने दोहराया कि वे 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे और उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। अनंत सिंह दुलारचंद हत्याकांड के बारे में भी बताया अनंत सिंह ने कहा कि मुझे याद है। मोकामा चुनाव के दौरान मैं प्रचार करके लौट रहा था। मेरी गाड़ी जब 5 KM आगे बढ़ गई तो मुझे बताया गया कि लड़ाई हो गई है। जहां लड़ाई-झगड़ा हुआ था वहां से मैं 5 KM दूर था। नीरज ने दुलारचंद की हत्या करवा दी और मुझे फंसाया जा रहा है। अनंत सिंह से जब पत्रकारों ने पूछा कि नीरज कुमार ने कहा है कि वो ललन सिंह से आशीर्वाद लेने नहीं जाएंगे। इस पर अनंत सिंह ने कहा कि इस पर मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है। नीरज जी जिसे जिसे आशीर्वाद देंगे वही जिंदा रहेगा बिहार में। अब जानिए अनंत सिंह के वकील ने क्या कहा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अनंत सिंह के वकील कुमार हर्ष वर्धन ने कहा कि अनंत सिंह की बेटी की शादी है। इसीलिए शादी बाद 1 दिसंबर को कोर्ट में सरेंडर करेंगे। उनके वकील कुमार हर्षवर्धन ने बताया कि क्रिमिनल इंसिडेंट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बेल रिजेक्ट की है। निचली अदालत में हाजिर होंगे। उसके बाद दोबारा से हमलोग बेल फाइल करेंगे। अब जानिए दुलारचंद मर्डर केस के बारे में 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह जदयू के टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़ रहे थे। वहीं, जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में दुलारचंद यादव प्रचार कर रहे थे। 30 अक्टूबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों के काफिले आमने-सामने आ गए थे। इसी दौरान हुई हिंसा में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि, जेल में रहते हुए भी उन्होंने चुनाव जीत लिया था। मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आ गए थे।

