Shekhar Suman On CJP Protest: अभिनेता और होस्ट शेखर सुमन ने CJP के मौजूदा प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है और उसमें हिंसा नहीं हो रही है, तो उसे गलत नहीं कहा जा सकता। उनके मुताबिक प्रदर्शन समाज और राजनीति का हिस्सा रहे हैं और लोगों को अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने का अधिकार है।
शेखर सुमन ने प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?
‘द लल्लनटॉप’ को दिए इंटरव्यू के दौरान शेखर सुमन ने कहा कि प्रदर्शन राजनीति के साथ-साथ समाज का भी हिस्सा हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इंसान बचपन से ही अपनी बात मनवाने के लिए विरोध करना सीखता है। जब किसी बच्चे को उसकी पसंद की चीज नहीं मिलती, तो वह घर में ही अपनी मांग को लेकर विरोध करने लगता है।
शेखर सुमन ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन अपनी बात को मजबूती से सामने रखने का एक तरीका है। उन्होंने कहा, ‘अगर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया जाए और वह हिंसक न हो, तो मेरे ख्याल से यह बहुत सही है और होना भी चाहिए।’
उन्होंने आगे कहा कि जब किसी व्यक्ति या समूह को अपनी मांग के मुताबिक चीज नहीं मिलती, तो उसके लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और अपनी आवाज उठानी पड़ती है। उनके मुताबिक शांतिपूर्ण प्रदर्शन इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
महात्मा गांधी का भी दिया उदाहरण
शेखर सुमन ने अपनी बात समझाने के लिए महात्मा गांधी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर लोगों की मांगें पूरी नहीं हो रही हैं, तो उन्हें प्रदर्शन करना चाहिए। जब जनता सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठाती है, तो सरकार भी उस पर ध्यान देती है।
अभिनेता ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को अपनी जगह और अपनी जरूरत के हिसाब से अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन को समाज के लिए सकारात्मक चीज बताया।
शेखर सुमन ने कहा कि अगर किसी विपक्षी समूह या वर्ग को लगता है कि कुछ गलत हुआ है और वह उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, तो ऐसे मामलों में प्रदर्शन करना जायज हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए और उसे हिंसक नहीं होना चाहिए।

