जमुई कोर्ट में युवक को वकीलों ने पीटा:परिसर में थूकने का आरोप, सिरिस्ता पर हंगामा, हस्तक्षेप के बाद मामला शांत

जमुई कोर्ट में युवक को वकीलों ने पीटा:परिसर में थूकने का आरोप, सिरिस्ता पर हंगामा, हस्तक्षेप के बाद मामला शांत

जमुई कोर्ट परिसर में शनिवार को एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। कोर्ट में थूकने के आरोप पर कुछ अधिवक्ताओं ने एक युवक की कथित तौर पर पिटाई कर दी। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सिरिस्ता पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे करीब आधे घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। अधिवक्ता संघ के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। जानकारी के अनुसार, गिद्धौर प्रखंड के बंझौलिया गांव निवासी संजीव कुमार पटेल कोर्ट में किसी कार्य से पहुंचे थे। इसी दौरान एक अधिवक्ता ने उन पर कोर्ट परिसर में थूकने का आरोप लगाया। संजीव कुमार ने इस आरोप से इनकार किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि तीन अधिवक्ताओं ने मिलकर पानी की बोतल, लात-घूंसों से उनकी पिटाई की। शपथ पत्र बनवाने के लिए कोर्ट आए थे
पीड़ित संजीव कुमार पटेल ने बताया कि वह दो दिन पहले खोए मोबाइल के संबंध में शपथ पत्र बनवाने के लिए कोर्ट आए थे। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के उन पर आरोप लगाकर मारपीट की गई। उन्होंने यह भी बताया कि वह हाल ही में एक गंभीर बीमारी का इलाज कराकर भीलोर से लौटे हैं। मारपीट की घटना के बाद पीड़ित के समर्थन में अन्य लोग भी कोर्ट पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं के सिरिस्ता पर पहुंचकर जमकर नाराजगी जाहिर की। विरोध कर रहे लोगों को अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर सिरिस्ता से बाहर निकाल दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और माहौल काफी देर तक गरमाया रहा। दोनों पक्षों को समझाया और स्थिति को शांत कराया
मौके पर पहुंचे अधिवक्ता संघ के सचिव अमित कुमार ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को समझाया और स्थिति को शांत कराया। इसके बाद घायल संजीव कुमार को उनके परिजनों द्वारा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जमुई कोर्ट परिसर में शनिवार को एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। कोर्ट में थूकने के आरोप पर कुछ अधिवक्ताओं ने एक युवक की कथित तौर पर पिटाई कर दी। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सिरिस्ता पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे करीब आधे घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। अधिवक्ता संघ के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। जानकारी के अनुसार, गिद्धौर प्रखंड के बंझौलिया गांव निवासी संजीव कुमार पटेल कोर्ट में किसी कार्य से पहुंचे थे। इसी दौरान एक अधिवक्ता ने उन पर कोर्ट परिसर में थूकने का आरोप लगाया। संजीव कुमार ने इस आरोप से इनकार किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि तीन अधिवक्ताओं ने मिलकर पानी की बोतल, लात-घूंसों से उनकी पिटाई की। शपथ पत्र बनवाने के लिए कोर्ट आए थे
पीड़ित संजीव कुमार पटेल ने बताया कि वह दो दिन पहले खोए मोबाइल के संबंध में शपथ पत्र बनवाने के लिए कोर्ट आए थे। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के उन पर आरोप लगाकर मारपीट की गई। उन्होंने यह भी बताया कि वह हाल ही में एक गंभीर बीमारी का इलाज कराकर भीलोर से लौटे हैं। मारपीट की घटना के बाद पीड़ित के समर्थन में अन्य लोग भी कोर्ट पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं के सिरिस्ता पर पहुंचकर जमकर नाराजगी जाहिर की। विरोध कर रहे लोगों को अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर सिरिस्ता से बाहर निकाल दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और माहौल काफी देर तक गरमाया रहा। दोनों पक्षों को समझाया और स्थिति को शांत कराया
मौके पर पहुंचे अधिवक्ता संघ के सचिव अमित कुमार ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को समझाया और स्थिति को शांत कराया। इसके बाद घायल संजीव कुमार को उनके परिजनों द्वारा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।  

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