Yogi Adityanath का तंज: Chauri Chaura के 172 क्रांतिकारियों की पैरवी के लिए आगे नहीं आए थे Nehru

Yogi Adityanath का तंज: Chauri Chaura के 172 क्रांतिकारियों की पैरवी के लिए आगे नहीं आए थे Nehru

गोरखपुर (उप्र), एक नवंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चौरी-चौरा की ऐतिहासिक घटना का जिक्र करते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा। योगी ने आरोप लगाया कि अंग्रेजों द्वारा 172 क्रांतिकारियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के समय उन्होंने उनकी पैरवी नहीं की थी, जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय ने मुकदमे की पैरवी कर 151 क्रांतिकारियों को फांसी से बचाया था। मुख्यमंत्री ने चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र में 288 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, कांग्रेस के लोग हाय तौबा मचाते हैं कि पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के बहुत बड़े अधिवक्ता थे, लेकिन सच्चाई क्या है कि चार फरवरी 1922 की चौरी-चौरा घटना के बाद अंग्रेजों ने किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों समेत जिन 172 लोगों को फांसी की सजा सुनायी, उनकी पैरवी के लिए वह (नेहरू) आगे नहीं आए थे।

उन्होंने कहा कि तब पंडित मदन मोहन मालवीय ने क्रांतिकारियों का पक्ष रखा था और अपनी प्रभावी पैरवी से 151 लोगों को फांसी के फंदे से बचाने में सफलता प्राप्त की थी। आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालवीय को भारत रत्न देकर उनके योगदान और क्रांतिकारियों के प्रति उनके सम्मान को मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि चौरी-चौरा के शहीदों का बलिदान देश की आजादी के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है और उनकी स्मृतियों को सम्मान देना सभी का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि चौरी-चौरा की घटना का प्रभाव इतना व्यापक था कि कांग्रेस का नेतृत्व भी इससे प्रभावित हुआ और उसने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया, लेकिन स्थानीय क्रांतिकारियों का संघर्ष जारी रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश गुलामी की बेड़ियों में इसलिए जकड़ गया था क्योंकि भारतीय समाज विभाजित था और लोग आपस में लड़ते रहते थे। उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतों ने इसी स्थिति का फायदा उठाकर देश पर कब्जा किया और उसके संसाधनों की लूट की।

आदित्यनाथ ने घटना से जुड़े नजर अली, कोमल सिंह यादव, लाल मोहम्मद, बेगू तिवारी, अब्दुल्ला और श्याम सुंदर सहित अन्य उन 21 क्रांतिकारियों को याद किया जिन्हें चौरी—चौरा मामले में अंग्रेजों ने फांसी पर लटका दिया था। उन्होंने कहा कि चौरी-चौरा के शहीदों की स्मृति में बना शहीद स्मारक और क्षेत्र में विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा उनके प्रति सम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने भोपा बाजार में रेलवे लाइन के कारण आवागमन में होने वाली परेशानी का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले यहां अक्सर जाम लगता था, लेकिन अब ओवरब्रिज बनने से लोगों को राहत मिली है।

उन्होंने सुझाव दिया कि इस पुल का नाम शहीद स्मारक ओवरब्रिज रखा जाना चाहिए। आदित्यनाथ ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों के योगदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीपावली और छठ महापर्व से पहले 288 करोड़ रुपये की परियोजनाएं क्षेत्र की जनता को समर्पित करना खुशी की बात है।

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