महिलाएं सावधान! गलत तरीके से थ्रेडिंग बनवाने से हो सकता है Hepatitis B, C और HIV 

महिलाएं सावधान! गलत तरीके से थ्रेडिंग बनवाने से हो सकता है Hepatitis B, C और HIV 

Eyebrow Threading Risks and Precautions: आज के समय में आइब्रो बनवाना एक बेहद आम बात है। आइब्रो को सही शेप देने से पूरे चेहरे का लुक बदल जाता है। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर एक खबर काफी वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि आइब्रो बनवाने के दौरान की जाने वाली छोटी सी गलती लिवर फेलियर जैसी बड़ी बीमारी की वजह बन सकती है। आइए, इस लेख में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस जानकारी के बारे में डॉक्टर से विस्तार से समझते हैं कि आखिर ऐसा कैसे और क्यों हो सकता है।

क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर Dr. Narendra Nikumbh द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो के अनुसार, थ्रेडिंग के दौरान इस्तेमाल होने वाले धागे की वजह से इन्फेक्शन फैल सकता है, जो धीरे-धीरे लिवर फेलियर तक पहुंच सकता है। असल में खतरा थ्रेडिंग के धागे से नहीं, बल्कि उसके बार-बार इस्तेमाल (Reuse) और सफाई की कमी से है। कई बार पार्लर्स में हाइजीन का ध्यान नहीं रखा जाता, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।

माइक्रो कट्स और इन्फेक्शन का खतरा (Risk of Micro-cuts and Infection)

थ्रेडिंग करवाते समय बाल जड़ से खिंचते हैं। इस प्रक्रिया में स्किन पर माइक्रो कट्स यानी छोटे-छोटे घाव लग जाते हैं, जो नंगी आंखों से नहीं दिखते। कुछ मामलों में तो खून भी निकलने लगता है। अगर ब्यूटीशियन ने वही धागा, कैंची या चिमटी (Tweezers) इस्तेमाल की है जो पहले किसी संक्रमित (Infected) व्यक्ति पर इस्तेमाल हुई थी, तो इस दौरान वायरस सीधे आपके खून के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है।

लिवर फेलियर से कनेक्शन (Connection Between Threading and Liver Failure)

ऐसे में आपके दिमाग में यह सवाला आज रहा होगा कि स्किन के मामूली कट का लिवर से क्या लेना-देना? दरअसल, गंदे धागे या संक्रमित औजारों के जरिए हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) या हेपेटाइटिस सी (Hepatitis C) जैसे खतरनाक वायरस शरीर में जा सकते हैं। ये वायरस सीधे लिवर पर हमला करते हैं और अगर समय पर इनका पता न चले, तो ये लिवर को पूरी तरह डैमेज कर देते हैं। जिसमे मेडिकल भाषा में लिवर फेलियर कहा जाता है।

इन्फेक्शन से बचाव के तरीके (Safety Tips to Prevent Infection)

अगर आप आइब्रो बनवाते समय इन्फेक्शन के खतरे से बचना चाहती हैं, तो अगली बार पार्लर जाते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें-

नया धागा (Use of Fresh Thread)

आमतौर पर पार्लर में नया धागा ही इस्तेमाल होता है, लेकिन फिर भी आइब्रो बनवाने से पहले हमेशा यह पक्का कर लें कि ब्यूटीशियन आपके लिए नया धागा इस्तेमाल कर रही है।

साफ हाथ और औजार (Sanitized Hands and Tools)

धागे के साथ-साथ यह भी चेक करें कि थ्रेडिंग में इस्तेमाल होने वाली कैंची या चिमटी और ब्यूटीशियन के हाथ सही तरीके से सैनिटाइज किए गए हों।

अपना सामान साथ ले जाएं (Bring Your Own Kit)

अगर आपको इन्फेक्शन का डर है या ब्यूटीशियन साफ-सफाई का ध्यान नहीं रख रही है, तो सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि आप अपना धागा और चिमटी खुद लेकर जाएं।

कट लगने पर सावधानी (Precautions After a Cut)

यदि थ्रेडिंग के दौरान कट लग जाए, तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत एंटीसेप्टिक लोशन लगाएं। इसके साथ ही अगर आपको किसी भी तरह का इन्फेक्शन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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