PHC गेट पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म:भर्ती होने के घंटों बाद तक नहीं पहुंचे डॉक्टर, महिलाओं ने साड़ी से घेर कराया प्रसव

PHC गेट पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म:भर्ती होने के घंटों बाद तक नहीं पहुंचे डॉक्टर, महिलाओं ने साड़ी से घेर कराया प्रसव

बक्सर जिले के चक्की प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। समय पर इलाज न मिलने के कारण एक गर्भवती महिला ने अस्पताल के मुख्य गेट पर ही बच्चे को जन्म दिया। इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला अपने पति के साथ चक्की पीएचसी पहुंची थी। उसे अस्पताल में भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन घंटों तक न तो कोई डॉक्टर और न ही कोई नर्स उसे देखने आई। महिला दर्द से तड़पती रही और स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से उदासीनता बरती गई। जब महिला की हालत गंभीर होने लगी, तो परिजन उसे लेकर अस्पताल के मुख्य गेट पर आ गए। वहां मौजूद अन्य महिलाओं की मदद से गेट पर ही प्रसव कराया गया। महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। राहत की बात यह है कि जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं। अस्पताल के बाहर की तस्वीरें….
अव्यवस्था को लेकर परिजन में आक्रोश इस घटना के बाद अस्पताल में फैली अव्यवस्था को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि पूरे दिन अस्पताल में मरीजों की देखभाल के लिए कोई डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं था। परिजनों ने इसे मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ बताया है। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। जीएनएम साक्षी कुमारी ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी ड्यूटी पुराने रोस्टर के अनुसार शाम 4 बजे से 8 बजे तक थी, लेकिन बाद में उन्हें अन्य कार्यों में लगा दिया गया था। उन्होंने बताया कि वह टीकाकरण कार्य में व्यस्त थीं। घटना के दिन अवकाश पर थे डॉक्टर वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि घटना के दिन वे अवकाश पर थे। उन्होंने कहा कि 27 फरवरी 2026 को जारी आदेश के तहत ड्यूटी में बदलाव किया गया था। डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है और संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बक्सर जिले के चक्की प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। समय पर इलाज न मिलने के कारण एक गर्भवती महिला ने अस्पताल के मुख्य गेट पर ही बच्चे को जन्म दिया। इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला अपने पति के साथ चक्की पीएचसी पहुंची थी। उसे अस्पताल में भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन घंटों तक न तो कोई डॉक्टर और न ही कोई नर्स उसे देखने आई। महिला दर्द से तड़पती रही और स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से उदासीनता बरती गई। जब महिला की हालत गंभीर होने लगी, तो परिजन उसे लेकर अस्पताल के मुख्य गेट पर आ गए। वहां मौजूद अन्य महिलाओं की मदद से गेट पर ही प्रसव कराया गया। महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। राहत की बात यह है कि जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं। अस्पताल के बाहर की तस्वीरें….
अव्यवस्था को लेकर परिजन में आक्रोश इस घटना के बाद अस्पताल में फैली अव्यवस्था को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि पूरे दिन अस्पताल में मरीजों की देखभाल के लिए कोई डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं था। परिजनों ने इसे मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ बताया है। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। जीएनएम साक्षी कुमारी ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी ड्यूटी पुराने रोस्टर के अनुसार शाम 4 बजे से 8 बजे तक थी, लेकिन बाद में उन्हें अन्य कार्यों में लगा दिया गया था। उन्होंने बताया कि वह टीकाकरण कार्य में व्यस्त थीं। घटना के दिन अवकाश पर थे डॉक्टर वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि घटना के दिन वे अवकाश पर थे। उन्होंने कहा कि 27 फरवरी 2026 को जारी आदेश के तहत ड्यूटी में बदलाव किया गया था। डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है और संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।  

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