पटना के जेपी गंगा पथ पर स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित करने के लिए वेंडिंग जोन बनाने और फैब्रिकेटेड दुकान लगाने की योजना थी। इसके लिए दीघा वेंडिंग जोन का निर्माण किया जा रहा है। 15 मई तक यहां दुकानदारों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। वहीं, पटना स्मार्ट सिटी की परियोजना के तहत 50 दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। अब ये दुकानें गंगा पथ पर नहीं लगेंगी, बल्कि इन सभी दुकानों को दीघा वेंडिंग जोन में ही शिफ्ट किया जाएगा। गंगा पथ को ‘मुख्यमंत्री समग्र उद्यान योजना’ के तहत एक बड़ा ग्रीन कॉरिडोर और पार्क के रूप में ही विकसित किया जाएगा। जेपी गंगा पथ पर अभी इस जगह दुकान लगा रहे स्ट्रीट वेंडर्स सम्राट चौधरी ने दिया आदेश दरअसल, गंगा पथ पर 50 में दुकानों को 2 महीने के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। बीते दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यहां निरीक्षण करने पहुंचे थे। उनके द्वारा कहा गया कि इन सभी दुकानों को गंगा पथ से हटाया जाए। गंगा किनारे एक भी दुकान नहीं लगेगी, बल्कि उस पूरे एरिया को गार्डन के तौर पर विकसित किया जाएगा। वॉकिंग पाथवे बनाए जाएंगे, ताकि लोग आनंद ले सकें। हालांकि, अभी इस पर लिखित तौर पर कोई आदेश नहीं आया है और विभाग को नए मंत्री मिले हैं। इसलिए स्मार्ट सिटी किसी भी तरह के बदलाव के लिए आदेश की प्रतीक्षा कर रहा है। स्ट्रीट वेंडर्स ने क्या कहा.… स्ट्रीट वेंडर धर्मवीर प्रसाद ने कहा कि, ‘जब सरकार हिल गया तो हमें हिलाना कोई बड़ी बात नहीं है। हम तो मामूली जनता हैं। हम अपनी रोजी-रोटी के लिए रोड पर आकर कमा रहे हैं। हमें दक्षिण साइड जगह देने की बात कही गई है। हमारी जो भी परेशानी है, वह हम ही जानते हैं।’ स्ट्रीट वेंडर उमेश यादव ने कहा कि, ‘नगर निगम ने हमें कहा कि दुकानें जेपी सेतु के नीचे दी जाएगी। अभी हमें गंगा किनारे नीचे दुकान लगाने के लिए जगह दी गई है। वहां काफी धूल मिट्टी उड़ती है और आया हुआ कस्टमर भी चला जाता है।’ अधिकारियों ने पुराने डिजाइन को किया था खारिज इससे पहले जेपी गंगा पथ पर पहले के फैब्रिकेटेड दुकानों को हटा दिया गया था। सीएम हाउस से पहले के फैब्रिकेटेड दुकानों के डिजाइन को चेंज करने का निर्देश दिया गया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुराने डिजाइन को खारिज कर दिया था। बताया गया कि पहले लगाए गए स्टॉल में कई खामियां पाई गई हैं। इससे स्टॉल संचालकों के साथ ही ग्राहकों को काफी दिक्कत होती। ऐसे में डिजाइन को बदलने का फैसला लिया गया। आवंटन के लिए 280 वेंडरों को चिह्नित किया गया था गंगा पथ के दीघा गोलंबर के पास लंबे समय से स्टॉल लगाने वाले वेंडरों की पहचान की जा चुकी थी। 280 वेंडरों को चिह्नित किया गया था। इन वेंडरों को प्राथमिकता के आधार पर स्टॉल दिए जाते। उसके बाद जो स्टॉल बचते, उनके आवंटन के लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाती। तीन आकार में दुकानें डिजाइन की गई थी। हर दुकान में बेसिन, स्लैब, एग्जॉस्ट फैन, लाइट, इलेक्ट्रिक बोर्ड और अन्य जरूरी सुविधाएं दी गई थी। करीब 15.45 करोड़ रुपये की लागत से इन दुकानों को तैयार किया जा रहा था। 50 प्री-फैब्रिकेटेड दुकान बनाने का लिया निर्णय फिर गंगा पथ पर 50 दुकानों के निर्माण की बात आयी। इसके लिए 2 डिजाइनों को फाइनल कर लिया गया था। इसका काम भी शुरू था। नई दुकानों को तैयार करने में करीब 7.18 करोड़ रुपये खर्च था। इनमें से 45 दुकानें 16 फुट लंबी, 10 फुट चौड़ी और 9 फुट ऊंची होती। इसके अलावा पांच दुकानें 20 फुट लंबी, 10 फुट चौड़ी और 9 फुट ऊंची बनाई जाती। सभी दुकानों का डिजाइन एक समान आधुनिक लुक में होता, ताकि पूरा क्षेत्र व्यवस्थित और आकर्षक दिखाई दे। 10-10 के पांच समूहों में दुकानें लगाने की थी तैयारी जेपी गंगा पथ पर दुकानों को 10-10 के पांच समूहों में लगाया जाना था। हर समूह में 16 फुट आकार की 9 दुकानें और 20 फुट आकार की एक दुकान होता। इस तरह का लेआउट रखने से जगह का बेहतर उपयोग होता और देखने में भी क्षेत्र संतुलित लगता। दुकानों में बिजली, ड्रेनेज, प्लंबिंग, एलइडी लाइटिंग, ऊर्जा बचत वाले उपकरण और ब्रांडिंग की सुविधा रहती। सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाना था। अब देखिए दीघा वेंडिंग जोन का डिजाइन
दीघा वेंडिंग जोन में 15 मई तक दुकानदार होंगे शिफ्ट पटना के गंगा पथ में दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन डेवेलप किया जा रहा है। 15 मई तक करीब 250 दुकानदारों को यहां अस्थायी रूप से शिफ्ट कर दिया जाएगा। 1.93 एकड़ में बन रहे इस वेंडिंग जोन में इंटरटेनमेंट जोन, ऐम्फीथिएटर, किड्स जोन का निर्माण किया जाएगा। दीघा गोलंबर के नीचे और अटल पथ के पास खाली जमीन पर यह वेंडिंग जोन विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गंगा पथ की सड़क को अतिक्रमण मुक्त करना और जाम की समस्या को कम करना है। इसे दो फेज में तैयार किया जाएगा। सेल्फी पॉइंट भी बनाए जाएंगे पहले फेज में पीसीसी सड़क और पेवर ब्लॉक बिछाकर दुकानदारों को जगह आवंटित की जाएगी। 15 मई तक शिफ्टिंग का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे फेज में इस एरिया को डेवेलप करते हुए एक इंटरटेनमेंट जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। नए वेंडिंग जोन में पार्किंग, शौचालय, पेयजल और हाई-मास्ट लाइट की व्यवस्था होगी। इसमें खास तरह के डेकोरेटिव लाइट्स लगाए जाएंगे। खूबसूरत तरीके से प्लांटेशन और लैंडस्केपिंग होगी। इसके साथ ही सेल्फी पॉइंट भी बनाए जाएंगे। पटना के जेपी गंगा पथ पर स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित करने के लिए वेंडिंग जोन बनाने और फैब्रिकेटेड दुकान लगाने की योजना थी। इसके लिए दीघा वेंडिंग जोन का निर्माण किया जा रहा है। 15 मई तक यहां दुकानदारों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। वहीं, पटना स्मार्ट सिटी की परियोजना के तहत 50 दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। अब ये दुकानें गंगा पथ पर नहीं लगेंगी, बल्कि इन सभी दुकानों को दीघा वेंडिंग जोन में ही शिफ्ट किया जाएगा। गंगा पथ को ‘मुख्यमंत्री समग्र उद्यान योजना’ के तहत एक बड़ा ग्रीन कॉरिडोर और पार्क के रूप में ही विकसित किया जाएगा। जेपी गंगा पथ पर अभी इस जगह दुकान लगा रहे स्ट्रीट वेंडर्स सम्राट चौधरी ने दिया आदेश दरअसल, गंगा पथ पर 50 में दुकानों को 2 महीने के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। बीते दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यहां निरीक्षण करने पहुंचे थे। उनके द्वारा कहा गया कि इन सभी दुकानों को गंगा पथ से हटाया जाए। गंगा किनारे एक भी दुकान नहीं लगेगी, बल्कि उस पूरे एरिया को गार्डन के तौर पर विकसित किया जाएगा। वॉकिंग पाथवे बनाए जाएंगे, ताकि लोग आनंद ले सकें। हालांकि, अभी इस पर लिखित तौर पर कोई आदेश नहीं आया है और विभाग को नए मंत्री मिले हैं। इसलिए स्मार्ट सिटी किसी भी तरह के बदलाव के लिए आदेश की प्रतीक्षा कर रहा है। स्ट्रीट वेंडर्स ने क्या कहा.… स्ट्रीट वेंडर धर्मवीर प्रसाद ने कहा कि, ‘जब सरकार हिल गया तो हमें हिलाना कोई बड़ी बात नहीं है। हम तो मामूली जनता हैं। हम अपनी रोजी-रोटी के लिए रोड पर आकर कमा रहे हैं। हमें दक्षिण साइड जगह देने की बात कही गई है। हमारी जो भी परेशानी है, वह हम ही जानते हैं।’ स्ट्रीट वेंडर उमेश यादव ने कहा कि, ‘नगर निगम ने हमें कहा कि दुकानें जेपी सेतु के नीचे दी जाएगी। अभी हमें गंगा किनारे नीचे दुकान लगाने के लिए जगह दी गई है। वहां काफी धूल मिट्टी उड़ती है और आया हुआ कस्टमर भी चला जाता है।’ अधिकारियों ने पुराने डिजाइन को किया था खारिज इससे पहले जेपी गंगा पथ पर पहले के फैब्रिकेटेड दुकानों को हटा दिया गया था। सीएम हाउस से पहले के फैब्रिकेटेड दुकानों के डिजाइन को चेंज करने का निर्देश दिया गया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुराने डिजाइन को खारिज कर दिया था। बताया गया कि पहले लगाए गए स्टॉल में कई खामियां पाई गई हैं। इससे स्टॉल संचालकों के साथ ही ग्राहकों को काफी दिक्कत होती। ऐसे में डिजाइन को बदलने का फैसला लिया गया। आवंटन के लिए 280 वेंडरों को चिह्नित किया गया था गंगा पथ के दीघा गोलंबर के पास लंबे समय से स्टॉल लगाने वाले वेंडरों की पहचान की जा चुकी थी। 280 वेंडरों को चिह्नित किया गया था। इन वेंडरों को प्राथमिकता के आधार पर स्टॉल दिए जाते। उसके बाद जो स्टॉल बचते, उनके आवंटन के लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाती। तीन आकार में दुकानें डिजाइन की गई थी। हर दुकान में बेसिन, स्लैब, एग्जॉस्ट फैन, लाइट, इलेक्ट्रिक बोर्ड और अन्य जरूरी सुविधाएं दी गई थी। करीब 15.45 करोड़ रुपये की लागत से इन दुकानों को तैयार किया जा रहा था। 50 प्री-फैब्रिकेटेड दुकान बनाने का लिया निर्णय फिर गंगा पथ पर 50 दुकानों के निर्माण की बात आयी। इसके लिए 2 डिजाइनों को फाइनल कर लिया गया था। इसका काम भी शुरू था। नई दुकानों को तैयार करने में करीब 7.18 करोड़ रुपये खर्च था। इनमें से 45 दुकानें 16 फुट लंबी, 10 फुट चौड़ी और 9 फुट ऊंची होती। इसके अलावा पांच दुकानें 20 फुट लंबी, 10 फुट चौड़ी और 9 फुट ऊंची बनाई जाती। सभी दुकानों का डिजाइन एक समान आधुनिक लुक में होता, ताकि पूरा क्षेत्र व्यवस्थित और आकर्षक दिखाई दे। 10-10 के पांच समूहों में दुकानें लगाने की थी तैयारी जेपी गंगा पथ पर दुकानों को 10-10 के पांच समूहों में लगाया जाना था। हर समूह में 16 फुट आकार की 9 दुकानें और 20 फुट आकार की एक दुकान होता। इस तरह का लेआउट रखने से जगह का बेहतर उपयोग होता और देखने में भी क्षेत्र संतुलित लगता। दुकानों में बिजली, ड्रेनेज, प्लंबिंग, एलइडी लाइटिंग, ऊर्जा बचत वाले उपकरण और ब्रांडिंग की सुविधा रहती। सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाना था। अब देखिए दीघा वेंडिंग जोन का डिजाइन
दीघा वेंडिंग जोन में 15 मई तक दुकानदार होंगे शिफ्ट पटना के गंगा पथ में दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन डेवेलप किया जा रहा है। 15 मई तक करीब 250 दुकानदारों को यहां अस्थायी रूप से शिफ्ट कर दिया जाएगा। 1.93 एकड़ में बन रहे इस वेंडिंग जोन में इंटरटेनमेंट जोन, ऐम्फीथिएटर, किड्स जोन का निर्माण किया जाएगा। दीघा गोलंबर के नीचे और अटल पथ के पास खाली जमीन पर यह वेंडिंग जोन विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गंगा पथ की सड़क को अतिक्रमण मुक्त करना और जाम की समस्या को कम करना है। इसे दो फेज में तैयार किया जाएगा। सेल्फी पॉइंट भी बनाए जाएंगे पहले फेज में पीसीसी सड़क और पेवर ब्लॉक बिछाकर दुकानदारों को जगह आवंटित की जाएगी। 15 मई तक शिफ्टिंग का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे फेज में इस एरिया को डेवेलप करते हुए एक इंटरटेनमेंट जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। नए वेंडिंग जोन में पार्किंग, शौचालय, पेयजल और हाई-मास्ट लाइट की व्यवस्था होगी। इसमें खास तरह के डेकोरेटिव लाइट्स लगाए जाएंगे। खूबसूरत तरीके से प्लांटेशन और लैंडस्केपिंग होगी। इसके साथ ही सेल्फी पॉइंट भी बनाए जाएंगे।


