‘जब इजाजत दी तो फायरिंग क्यों?’ होर्मुज में भारतीय टैंकर और ईरानी नेवी की रेडियो बातचीत लीक, खौफनाक था वो मंजर

‘जब इजाजत दी तो फायरिंग क्यों?’ होर्मुज में भारतीय टैंकर और ईरानी नेवी की रेडियो बातचीत लीक, खौफनाक था वो मंजर

Indian Tanker Iran Navy Radio Message Hormuz Strait: मिडिल ईस्ट के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय तेल टैंकर पर हुई फायरिंग के बाद अब उस दौरान हुई रेडियो बातचीत सामने आई है। इस बातचीत ने पूरी घटना पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं खासकर तब जब भारतीय जहाज को पहले ही गुजरने की अनुमति मिलने की बात कही जा रही थी।

फायरिंग के बीच भारतीय जहाज का संदेश

घटना के दौरान भारतीय टैंकर ‘सनमार हेराल्ड’ ने ईरानी नौसेना से रेडियो के जरिए संपर्क साधा। टैंकर ने बार-बार अपनी पहचान बताते हुए कहा कि उसे पहले ही आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी।

रेडियो ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार जहाज ने कहा, “सेपाह नेवी! मोटर टैंकर सनमार हेराल्ड! सनमार हेराल्ड! सेपाह नेवी! आपने मुझे अनुमति दी! आपने मुझे जाने की अनुमति दी! सेपाह नेवी! यह मोटर टैंकर सनमार हेराल्ड है! आपने मुझे जाने की अनुमति दी! मेरा नाम आपकी सूची में दूसरे नंबर पर है! आपने मुझे जाने की अनुमति दी! अब आप गोलीबारी कर रहे हैं! मुझे वापस मुड़ने दीजिए!”

इस संदेश में साफ दिखता है कि जहाज बार-बार पहले मिली अनुमति का हवाला दे रहा था और सुरक्षित तरीके से वापस लौटने की अपील कर रहा था।

बिना चेतावनी शुरू हुई गोलीबारी

समुद्री निगरानी एजेंसियों के अनुसार, ईरानी गनबोट्स बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के जहाज के पास आईं और फायरिंग शुरू कर दी। यह घटना ओमान के उत्तर-पूर्व में उस समुद्री मार्ग पर हुई जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार होता है।हालांकि राहत की बात यह रही कि इस फायरिंग में टैंकर या उसके चालक दल को कोई नुकसान नहीं हुआ।

सेपाह नेवी की भूमिका पर सवाल

इस घटना में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसैनिक शाखा जिसे सेपाह नेवी कहा जाता है, का नाम सामने आया है। यह यूनिट फारस की खाड़ी और हॉर्मुज जैसे संकरे जलक्षेत्र में तेज गति वाली छोटी नौकाओं के जरिए ऑपरेशन के लिए जानी जाती है।

रेडियो बातचीत सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर अनुमति मिलने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई क्यों हुई।

बढ़ता तनाव और समुद्री सुरक्षा पर चिंता

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है और होर्मुज क्षेत्र बेहद संवेदनशील स्थिति में है। भारतीय जहाज के साथ हुई इस घटना ने न केवल भारत-ईरान संबंधों पर असर डालने की आशंका पैदा की है, बल्कि वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

होर्मुज में भारतीय टैंकर पर फायरिंग और उससे जुड़ी रेडियो बातचीत इस पूरे मामले का अहम पहलू बन गई है। इससे यह साफ होता है कि क्षेत्र में हालात कितने जटिल और अस्थिर हैं। अब नजर इस बात पर है कि इस घटना के बाद कूटनीतिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *