शाजापुर में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल तबाह:किसानों की चिंता बढ़ी; आर्थिक संकट से बचने के लिए मुआवजे की मांग

शाजापुर में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल तबाह:किसानों की चिंता बढ़ी; आर्थिक संकट से बचने के लिए मुआवजे की मांग

शाजापुर जिले में मंगलवार को हुई तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलीं, जिससे ठंड का एहसास हुआ। दैनिक भास्कर की टीम ने बुधवार को प्रभावित खेतों का दौरा किया। गेहूं की फसलें पूरी तरह से आड़ी पड़ी मिलीं और कई स्थानों पर नष्ट हो चुकी थीं। किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि ने उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद कर दी है। किसान साजिद ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी भीषण ओलावृष्टि कभी नहीं देखी। ओलों से गेहूं की बालियां टूट गई और फसलें जमीन पर गिर गई। किसानों ने शासन-प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है, ताकि वे आर्थिक संकट से बच सकें। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में बारिश की संभावना बुधवार को सुबह से बादल छाए रहे, लेकिन 11 बजे के बाद हल्की धूप निकलने से ठंड से थोड़ी राहत मिली। आसमान में बादलों की आवाजाही और हल्का कोहरा बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि शाम तक मौसम साफ हो सकता है, लेकिन 30 और 31 जनवरी को फिर से बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है। मंगलवार शाम की आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से शाजापुर में व्यापक तबाही हुई। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब परिवारों को सबसे अधिक नुकसान हुआ। तेज हवा और बारिश के कारण उनकी तिरपाल की झुग्गियां उखड़ गईं और घरेलू सामान बर्बाद हो गया। वार्ड क्रमांक 5 के पटेल बाड़ी क्षेत्र में स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

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