Accident Turned Murder: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के अंतर्गत आने वाले डॉ. आंबेडकर नगर (महू) में स्थित मानपुर/हासलपुर क्षेत्र से गुजरने वाले आगरा-मुंबई हाईवे पर 28 अप्रैल की रात हुई दो युवकों की मौत का मामला आखिरकार तीन दिन बाद हत्याकांड में बदल गया। जिस घटना को शुरू से पुलिस सड़क दुर्घटना बताकर फाइल में दबाए बैठी थी, वहीं मामला एक घायल युवक के वायरल वीडियो के सामने आने के बाद पूरी तरह पलट गया।
मामले को लेकर मानपुर थाना प्रभारी महेंद्र मकाश्रे ने बताया कि, शनिवार को पुलिस ने इंदौर निवासी सौरभ राजपूत, शैलेंद्र उर्फ बाबा सहित छह आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। मुख्य आरोपी सौरभ को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
शादी के विवाद से हाईवे तक पहुंची हिंसा
पूरे घटनाक्रम की जड़ नांदेड़ में आयोजित एक शादी समारोह में हुए विवाद से जुड़ी है। जानकारी के अनुसार, कुवाली गांव में दोस्त की शादी में शामिल युवकों को फोन पर सूचना मिली कि इंदौर के कुछ युवकों से झगड़ा हो गया है और वे मानपुर की ओर आ रहे हैं। इसके बाद युवकों ने जानापाव ब्रिज के पास आरोपियों को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने लात मारकर बाइक गिरा दी, जिससे कई युवक घायल हो गए। आरोप है कि इसके बाद हमलावर लौटकर आए और चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में शैलेंद्र सिंगाड़ और अतुल मकवाना की मौत हो गई, जबकि बलराम गंभीर रूप से घायल हो गया।
वीडियो ने बदला पूरा एंगल
घटना के बाद मानपुर पुलिस इसे महज सड़क हादसा बताती रही। पुलिस का आधार घायल बलराम की शुरुआती एमएलसी रिपोर्ट थी, जिसमें उसने दुर्घटना का जिक्रकिया था। लेकिन घटना के दूसरे दिन बलराम का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने साफ तौर पर विवाद और चाकूबाजी की बात कही। यही वीडियो इस पूरे मामले का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। मानपुर थाना प्रभारी मकाश्रे ने बताया कि, पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
परिजन का आरोप: पहले से बता रहे थे साजिश
मृतकों के परिजन शुरू से ही इसे सुनियोजित हमला बताते रहे, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। वीडियो सामने आने के बाद उनकी आशंका सही साबित हुई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
विरोध में चक्काजाम, तीन पर FIR
तीन दिन तक कार्रवाई न होने से आक्रोशित परिजन ने शनिवार को मानपुर थाने का घेराव किया। इसके बाद कुछ लोगों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और मार्ग बहाल कराया। इस मामले में उत्कर्ष पाटीदार, शुभम पाटीदार और रवि गिरवाल के खिलाफ राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया।
MLC और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाया भ्रम
मामले में शुरुआती जांच के दौरान एमएलसी रिपोर्ट और शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों को दुर्घटना से जुड़ा बताया गया, जिससे पुलिस उसी दिशा में जांच करती रही। हालांकि, घटनास्थल से चाकू मिलने के बावजूद इस पहलू को गंभीरता से नहीं लिया गया जो अब जांच पर सवाल खड़े कर रहा है।
जिलाबदर आरोपी की सक्रियता पर भी सवाल
मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू ये है कि, मुख्य आरोपी सौरभ राजपूत पहले से ही इंदौर से जिलाबदर है। इसके बावजूद वो इलाके में सक्रिय रहा और इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे गया। टीआई मकाश्रे के अनुसार, जिलाबदर की अवधि में क्षेत्र में पाए जाने को लेकर भी अलग से कार्रवाई की जा रही है।


