विनेश फोगाट का एशियन गेम्स ट्रायल आज:दिल्ली स्टेडियम पहुंचीं, गेट पर सुरक्षाकर्मियों से बहस; मैट पर वार्मअप करते VIDEO सामने आया

विनेश फोगाट का एशियन गेम्स ट्रायल आज:दिल्ली स्टेडियम पहुंचीं, गेट पर सुरक्षाकर्मियों से बहस; मैट पर वार्मअप करते VIDEO सामने आया

करीब एक सप्ताह से चल रही उठापटक के बीच हरियाणा की ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट शनिवार को एशियन गेम्स 2026 के लिए आयोजित हो रहे सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने स्टेडियम पहुंच चुकी हैं। कुश्ती महासंघ के साथ चल रहे विवादों के कारण इंदिरा गांधी स्टेडियम और ट्रायल एरिया में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एंट्री करते वक्त विनेश फोगाट और उनके पति सोमवीर राठी की स्टेडियम के गेट नंबर 18 पर सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस भी हुई। हालांकि, बाद में उन्हें एंट्री दे दी गई। इसके बाद विनेश फोगाट की कुछ तस्वीरें सामने आईं हैं। इनमें वे मैट पर उतरने से पहले अपने कोच और सपोर्ट स्टाफ के साथ रणनीति बनाती और वॉर्म-अप करती हुई दिखाई दीं। विनेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका वजन 1 घंटे बाद हुआ। मगर, उन्होंने यह भी माना कि उन्होंने 53 किलोग्राम का वजन टेस्ट पास कर लिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ही रेसलर विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल की अनुमति दे दी थी। 28 मई को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI ) ने फोगाट का ट्रायल रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी, जिसे जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने ठुकरा दिया था। दिल्ली स्टेडियम में विनेश फोगाट के वार्मअप के कुछ PHOTOS… सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा विवाद क्या… गोंडा प्रतियोगिता से शुरू हुआ था विवाद विनेश फोगाट ने 2024 में पेरिस ओलिंपिक में अपना आखिरी कुश्ती मैच खेला था। फाइनल खेलने से पहले वजन की जांच की गई तो उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा निकला। इसके बाद उन्हें अयोग्य करार दे दिया गया। विनेश ने 8 अगस्त 2024 को कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया।12 दिसंबर 2025 को विनेश ने संन्यास वापस लेने का ऐलान किया था। इसके बाद 11 मई 2026 को विनेश फोगाट गोंडा में आयोजित ओपन सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप में हिस्सा लेने पहुंची थीं। भारतीय कुश्ती संघ ने उनसे 15 बिंदुओं पर जवाब मांगते हुए 26 जून, 2026 तक प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर रोक लगा दी थी। इसी वजह से वह गोंडा की प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। डब्ल्यूएफआई ने जारी किया था नोटिस डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। महासंघ ने लिखा था- विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। WFI ने आगे कहा- उनके व्यवहार से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा और राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी हुई। दिल्ली हाईकोर्ट से मिली थी विनेश फोगाट को राहत इस प्रतिबंध के खिलाफ विनेश फोगाट ने कोर्ट चली गई थी। अपनी याचिका में WFI की चयन नीति और उन्हें जारी किए गए शो-कॉज नोटिस को चुनौती दी थी। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने 22 मई को विनेश के पक्ष में फैसला सुनाया था। आदेश दिया था कि विनेश फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले चयन ट्रायल में भाग लेने दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा था कि मातृत्व अवकाश के कारण किसी महिला खिलाड़ी को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से मिली थी राहत हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भारतीय कुश्ती संघ चला गया था। शुक्रवार को इस पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्हें 30 मई से होने वाले एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई थी। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने साफ निर्देश दिया था कि विनेश फोगाट को ट्रायल में भाग लेने दिया जाए।

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