निवाड़ी जिले की विरोरा पहाड़ ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। गांव वालों ने सरपंच और सचिव पर सरकारी पैसे के गबन और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगाते हुए शुक्रवार को डिप्टी कलेक्टर मनीष जैन को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। इतना ही नहीं, मजदूरों की जगह फर्जी मस्टर रोल तैयार किए गए और मोबाइल ऐप (NMMS) पर बिना काम किए ही उनकी हाजिरी लगा दी गई। मजदूरों का हक मार रही मशीनें ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि जिन कामों को मजदूरों के हाथों से (मनरेगा के तहत) कराया जाना था, उन्हें गुपचुप तरीके से जेसीबी मशीनों से करवाया गया। शिकायतकर्ता देवेंद्र यादव का दावा है कि उनके पास इन मशीनों से काम करवाने के वीडियो और फोटो सबूत के तौर पर मौजूद हैं। ग्राम सभाओं में पारदर्शिता की कमी ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पंचायत में नियम के अनुसार ग्राम सभाएं नहीं बुलाई जातीं। इस वजह से गांव के लोगों को पता ही नहीं चल पाता कि पंचायत में क्या काम हो रहा है और पैसा कहां खर्च किया जा रहा है। जांच की मांग ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले भी कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की है कि जिला स्तर की एक टीम बनाकर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। मौके पर जाकर कामों का मुआयना किया जाए। भुगतान के कागजों और मस्टर रोल की बारीकी से जांच हो। डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते समय गांव के कई लोग मौजूद रहे, जिन्होंने साफ किया कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उनका विरोध और बढ़ेगा।


