वाराणसी नगर निगम द्वारा शहर के कई वार्ड में शुरू किए गए सफाई अभियान के दौरान मुख्य सीवर लाइन में बालू से भरी बोरियां मिलीं। इस मामले में नगर निकाय ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया है। वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि शिवाला वार्ड में जलजमाव की समस्या के समाधान के दौरान शनिवार को सीवर लाइन में अत्यधिक मात्रा में बालू से भरी बोरियां पाई गईं।
उन्होंने बताया कि आशंका है कि शिवाला में किसी अज्ञात व्यक्ति या लोगों द्वारा मुख्य सीवर लाइन को जाम करने की साजिश के तहत यह सामग्री डाली गई हो। तिवारी ने कहा कि इस तरह की हरकत से वाराणसी की छवि धूमिल होने के साथ-साथ क्षेत्र में जलभराव की समस्या भी गंभीर हो सकती है। इस मामले में भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
उन्होंने बताया कि मामले को लेकर नगर निगम ने शनिवार को भेलूपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 326 (सी) (ऐसी हरकत करना जिससे बाढ़ या सार्वजनिक जल निकासी में रुकावट आए या आने की संभावना हो) के तहत मामला दर्ज कराया। महापौर ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। वाराणसी में जलभराव का मुद्दा राज्य की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच से उठाया था और तस्वीरें साझा की थीं।
इस बारे में पूछे जाने पर तिवारी ने कहा कि अखिलेश यादव को वाराणसी के बारे में कम जानकारी है। महापौर ने कहा कि बिना सही जानकारी के उन्हें वीडियो साझा नहीं करना चाहिए, यह काशी की जनता का अपमान है। सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने रविवार को अपने आधिकारिक एक्स पर एक वीडियो साझा किया जिसमें सीवर से बोरियां निकालते देखा जा सकता है।

