US-Iran War: ईरान के साथ युद्ध के बीच अमेरिकी ने जंग खत्म करने को लेकर 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव का ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अपना जवाब भेज दिया है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके बाद ट्रंप ने भी बयान देते हुए ईरान की प्रतिक्रिया को पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के भेजे प्रस्ताव के जवाब में ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता देने की बात कही थी। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया।
युद्धविराम की मांग
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान ने अपनी प्रतिक्रिया में सबसे पहले युद्धविराम की मांग की है। ईरान चाहता है कि अमेरिका यह गारंटी दे कि भविष्य में ईरान पर कोई नया हमला नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के अधिकार को औपचारिक मान्यता देने की भी मांग रखी गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) से 30 दिनों के लिए ईरानी तेल बिक्री पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग की है। साथ ही ईरान पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों को खत्म करने की बात भी कही गई है।
ट्रंप ने बताया अस्वीकार्य
बता दें कि ईरान की ओर से प्रस्ताव के जवाब को ट्रंप ने अस्वीकार्य करार दिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैंने अभी ईरान के तथाकथित प्रतिनिधियों का जवाब पढ़ा। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया – पूरी तरह अस्वीकार्य!
ईरान को दी चेतावनी
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी भी दी है। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले दो हफ्तों में ईरान के बाकी बचे सभी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकता है।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पहले ही बड़ी हार झेल चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने लगभग 70 प्रतिशत लक्ष्य पूरे कर चुका है और जरूरत पड़ने पर बाकी ठिकानों पर भी तेजी से कार्रवाई की जा सकती है।
पाकिस्तान के जरिए बातचीत रहेगी जारी
बताया जा रहा है कि फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत पाकिस्तान के जरिए लिखित रूप में जारी रहेगी। वहीं, अमेरिकी अखबार Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान सीमित समय के लिए यूरेनियम संवर्धन रोकने को तैयार है, लेकिन उसने अपने परमाणु ठिकानों को खत्म करने से साफ इनकार कर दिया है।


