US Iran Ceasefire: मोजतबा खामेनेई ने सेना को जंग रोकने का दिया आदेश, पर कहा यह युद्ध का अंत नहीं

US Iran Ceasefire: मोजतबा खामेनेई ने सेना को जंग रोकने का दिया आदेश, पर कहा यह युद्ध का अंत नहीं

US Iran Ceasefire: मध्य पूर्व में पिछले कई हफ्तों से चल रहा तनाव अब अस्थायी विराम की ओर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी थी। लेकिन एक महीने से ज्यादा लंबे समय तक चले इस युद्ध में अब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है और दो हफ्तों के सीजफायर की घोषणा हो चुकी है। युद्धविराम के ऐलान के बाद ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) का बड़ा बयान सामने आया है। खामेनेई ने सभी सैन्य इकाइयों को फायरिंग रोकने का आदेश दिए है लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि यह सीजफायर युद्ध का अंत नहीं है।

खामेनेई ने सेना को सतर्क रहने के निर्देष दिए

ईरानी सरकारी प्रसारण संस्था इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) द्वारा जारी बयान के अनुसार खामेनेई ने अपनी सेना को आदेश का पालन करते हुए फायरिंग रोकने को कहा है लेकिन साथ ही सतर्क रहने के निर्देष भी दिए है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई भी आक्रामक कदम उठाया गया तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में तनाव अभी भी बरकरार है और स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

ईरान के 10 मांगों वाले प्रस्ताव के आधार पर बातचीत

ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव के जवाब में 10 बिंदुओं वाला संशोधित प्रस्ताव पेश किया था। इसमें स्ट्रेट ऑफ होरमुज में नियंत्रित आवाजाही, क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी, सभी प्रतिबंधों को हटाने और नुकसान की भरपाई जैसी प्रमुख मांगें शामिल थी। साथ ही, ईरान ने अपनी विदेशों में फंसी संपत्तियों की वापसी और इन सभी शर्तों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के बाध्यकारी प्रस्ताव में शामिल करने की बात कही थी। यही प्रस्ताव सीजफायर वार्ता के लिए आधार था और इसी के आधार पर आगे की बातचीत होगी।

इस्लामाबाद में होगी आगे की बातचीत

ईरान ने पुष्टि की है कि बातचीत 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू होगी और दो सप्ताह तक चलेगी। इस दौरान दोनों पक्षों की सहमति से समय बढ़ाया जा सकता है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने इस सीजफायर को डबल साइडेड बताया और कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि शांति समझौते को अंतिम रूप देने के लिए यह समय महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होरमुज को पूरी तरह खोलने की शर्त भी रखी है, जो वार्ता में एक अहम मुद्दा बन सकता है।

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