पाकुड़ जिले में विद्युत विभाग के ऊर्जा मित्रों को पिछले 21 महीनों से ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) और ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) का लाभ नहीं मिल रहा है। इस संबंध में सोमवार को बड़ी संख्या में ऊर्जा मित्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने समाहरणालय पहुंचकर विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को एक आवेदन सौंपा, जिसमें 21 महीने के लंबित ईपीएफ और ईएसआई भुगतान की मांग की गई। मौके पर मौजूद ऊर्जा मित्र दिवाकर मिश्रा, हबीबुर रहमान, रितेश जायसवाल, अमित मंडल और रमेश रविदास सहित दर्जनों कर्मियों ने बताया कि वे स्पेस कंपनी के माध्यम से बिजली विभाग में बिलिंग का कार्य करते हैं। 21 महीने बीत जाने के बाद भी कंपनी ने उन्हें ईपीएफ और ईएसआई का लाभ नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार लिखित शिकायत के बावजूद कंपनी ने केवल आश्वासन दिया और अपना वादा पूरा नहीं किया। ऊर्जा मित्रों के अनुसार, नियमानुसार कंपनी को दो-तीन महीने के भीतर ही ईपीएफ और ईएसआई का लाभ देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे या कंपनी में कार्य करना बंद कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिलिंग कार्य बाधित होने की पूरी जवाबदेही स्पेस कंपनी की होगी। गौरतलब है कि विद्युत विभाग में कार्यरत ये ऊर्जा मित्र इससे पहले भी एक अन्य कंपनी के अधीन काम कर रहे थे। ऊर्जा मित्रों के मुताबिक, वह कंपनी भी लगभग सात महीने का वेतन भुगतान किए बिना फरार हो गई थी। उस समय भी ऊर्जा मित्रों ने जिला प्रशासन से मानदेय भुगतान की मांग की थी, लेकिन वह मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है। पाकुड़ जिले में विद्युत विभाग के ऊर्जा मित्रों को पिछले 21 महीनों से ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) और ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) का लाभ नहीं मिल रहा है। इस संबंध में सोमवार को बड़ी संख्या में ऊर्जा मित्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने समाहरणालय पहुंचकर विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को एक आवेदन सौंपा, जिसमें 21 महीने के लंबित ईपीएफ और ईएसआई भुगतान की मांग की गई। मौके पर मौजूद ऊर्जा मित्र दिवाकर मिश्रा, हबीबुर रहमान, रितेश जायसवाल, अमित मंडल और रमेश रविदास सहित दर्जनों कर्मियों ने बताया कि वे स्पेस कंपनी के माध्यम से बिजली विभाग में बिलिंग का कार्य करते हैं। 21 महीने बीत जाने के बाद भी कंपनी ने उन्हें ईपीएफ और ईएसआई का लाभ नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार लिखित शिकायत के बावजूद कंपनी ने केवल आश्वासन दिया और अपना वादा पूरा नहीं किया। ऊर्जा मित्रों के अनुसार, नियमानुसार कंपनी को दो-तीन महीने के भीतर ही ईपीएफ और ईएसआई का लाभ देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे या कंपनी में कार्य करना बंद कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिलिंग कार्य बाधित होने की पूरी जवाबदेही स्पेस कंपनी की होगी। गौरतलब है कि विद्युत विभाग में कार्यरत ये ऊर्जा मित्र इससे पहले भी एक अन्य कंपनी के अधीन काम कर रहे थे। ऊर्जा मित्रों के मुताबिक, वह कंपनी भी लगभग सात महीने का वेतन भुगतान किए बिना फरार हो गई थी। उस समय भी ऊर्जा मित्रों ने जिला प्रशासन से मानदेय भुगतान की मांग की थी, लेकिन वह मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है।


