उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) की शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के साथ ही अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करने का निर्देश दिया है। एक सरकारी बयान के मुताबिक, आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा आयोजित पीईटी-2026 की तैयारियों की शनिवार शाम वाराणसी कमिश्नरी सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए समीक्षा की। उन्होंने महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को परीक्षा के संबंध में सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर नजर रखने तथा ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पीईटी-2026 का आयोजन रविवार, 30 अक्टूबर और एक नवंबर को कुल छह पालियों में किया जाएगा। परीक्षा के लिए प्रदेश के 60 जिलों में 1,372 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां कुल 35,41,297 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
प्रत्येक पाली में 5,90,217 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था की गई है। बयान के अनुसार, आगरा, अलीगढ़, झांसी, गोरखपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद और प्रयागराज सहित नौ जिलों में प्रत्येक पाली में 15 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा की निगरानी के लिए आयोग मुख्यालय में कमान नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
इसके माध्यम से सभी परीक्षा केंद्रों की कैमरों से सीधी निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती तथा संबंधित कर्मचारियों का उचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, होटलों, धर्मशालाओं और रैन बसेरों में अभ्यर्थियों, विशेषकर महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसें और ट्रेनें चलाने की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया।

